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Budget 2023 Wishlist: टैक्स छूट, पारदर्शी रेगुलेशंस, FDI से तेज दौड़ लगाएगा स्टार्टअप्स सेक्टर

Budget 2023: सरकार ने स्टार्टअप्स की मदद के लिए कई प्रोग्राम शुरू किए हैं। इसके बावजूद पिछले 2-3 साल से स्टार्टअप्स को दिक्कतों का सामाना करना पड़ रहा है। पिछले साल स्टार्टअप्स ने करीब 33 फीसदी कम फंड जुटाए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को स्टार्टअप्स की मदद के लिए यूनियन बजट 2023 में बड़े ऐलान करने चाहिए

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jan 27, 2023 पर 9:38 AM
Budget 2023 Wishlist: टैक्स छूट, पारदर्शी रेगुलेशंस, FDI से तेज दौड़ लगाएगा स्टार्टअप्स सेक्टर
इंडिया में DPIIT में रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स की संख्या करीब 80,000 है। इंडिया में यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स की संख्या 100 से ज्यादा हो चुकी है।

Union Budget 2023: स्टार्टअप्स के लिए साल 2022 पूंजी जुटाने के लिहाज से अच्छा नहीं रहा। PwC India की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2021 के मुकाबले पिछले साल स्टार्टअप्स ने 33 फीसदी कम पूंजी जुटाई। यह रिपोर्ट 16 जनवरी को आई है। सरकार ने स्टार्टअप्स की ग्रोथ के लिए कई कदम उठाए हैं। लेकिन, इसे अब भी सरकार के सपोर्ट की जरूरत है। पूंजी की पर्याप्त उपलब्धता के साथ ही इनसेंटिव और टैक्स छूट से यह सेक्टर तेजी से आगे बढ़ेगा। इस सेक्टर को उम्मीद है कि सरकार यूनियन बजट 2023 (Budget 2023) में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए बड़े उपाय करेगी। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश करेंगी। यह 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार का अंतिम पूर्ण बजट होगा।

2015 में स्टार्टअप इंडिया की शुरुआत हुई थी

सरकार ने 2015 में 'स्टार्टअप इंडिया' (Startup India) प्रोग्राम शुरू किया था। डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इनटर्नल ट्रेड (DPIIT) ने स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम भी लॉन्च की है। इसके लिए 945 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस फंड से नए स्टार्टअप को आर्थिक मदद दी जाती है। सरकार इस स्कीम के जरिए चार साल में करीब 3,600 आंत्रप्रेन्योर को आर्थिक मदद उपलब्ध कराना चाहती है।

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