Get App

मथुरा : एक महीने बाद खुला 3 साल के बच्चे की मौत का राज तो सन्न रह गया पिता, मां हुई गिरफ्तार

यह घटना 28 जून को मथुरा के बलदेव थाना क्षेत्र के चौली गांव की है। पुलिस के मुताबिक, 27 जुलाई की शाम करीब 7:30 बजे गोविंद गुप्ता ने डायल-112 पर फोन कर शिकायत दी कि उनके भाई की पत्नी ने अपने तीन साल के बेटे की हत्या कर दी थी। जांच में पुलिस को पता चला कि तीन साल के बच्चे माधव की मौत 28 जून को हुई थी

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 29, 2026 पर 8:12 PM
मथुरा : एक महीने बाद खुला 3 साल के बच्चे की मौत का राज तो सन्न रह गया पिता, मां हुई गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के मथुरा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है।

उत्तर प्रदेश के मथुरा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां तीन साल के एक बच्चे की मौत को पहले सामान्य घटना माना जा रहा था, लेकिन करीब एक महीने बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। पुलिस ने बच्चे की मां पर गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि महिला ने अपने पति के सामने अपना जुर्म कबूल किया, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

यह घटना 28 जून को मथुरा के बलदेव थाना क्षेत्र के चौली गांव की है। पुलिस के मुताबिक, 27 जुलाई की शाम करीब 7:30 बजे गोविंद गुप्ता ने डायल-112 पर फोन कर शिकायत दी कि उनके भाई की पत्नी ने अपने तीन साल के बेटे की हत्या कर दी थी। जांच में पुलिस को पता चला कि तीन साल के बच्चे माधव की मौत 28 जून को हुई थी। पुलिस के अनुसार, घटना के समय बच्चा खेलते-खेलते रो रहा था। आरोप है कि उसकी मां रुचि गुप्ता उस समय फोन पर किसी व्यक्ति से बात कर रही थी। बच्चे के लगातार रोने पर पहले उसने उसे डांटा और पीटा, फिर कथित तौर पर उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

पति के सामने सच आने के बाद खुला मामला

पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद रुचि गुप्ता ने अपने पति कृष्ण मुरारी गुप्ता, जो मेडिकल स्टोर चलाते हैं, से कहा था कि उनका बेटा उठ नहीं रहा है और सोया हुआ लग रहा है। इससे पहले उसने फोन पर भी बताया था कि बच्चा काफी देर तक रोता रहा, फिर उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसने कोई प्रतिक्रिया देना बंद कर दिया। इसके बाद परिवार बच्चे को तुरंत एक निजी अस्पताल ले गया और फिर मथुरा के दूसरे अस्पताल पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। जिस दिन बच्चे की मौत हुई, उसी दिन उसे पोलियो की दवा भी पिलाई गई थी। इसलिए परिवार को लगा कि किसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण उसकी मौत हुई है। उन्हें किसी तरह की साजिश या हत्या का शक नहीं हुआ और उन्होंने बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें