Budget 2024-25 : केंद्र सरकार का फोकस अंतरिक्ष से जुड़े मिशन पर बढ़ा है। वित्त वर्ष 2023-24 में केंद्र सरकार ने बजट में स्पेस प्रोग्राम के लिए 12,543.91 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। यह पैसा दरअसल डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस को आवंटित किया गया था। डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस (DoS) के तहत ISRO, NSIL और In-Space आते हैं। इस पैसे में 11,669.41 करोड़ रुपये सेंट्रल सेक्टर की स्कीमों और प्रोजेक्ट्स के लिए थे। इनमें ह्यूम स्पेसफ्लाइट सेंटर और सैटेलाइट प्रोजेक्ट्स से जुड़े कई संस्थान थे। ध्यान में रखने वाली बात यह है कि सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 के मुकाबले वित्त वर्ष 2023-24 में DoS का बजट सिर्फ 8 फीसदी बढ़ाया था। वित्त वर्ष 2023-24 के स्पेस साइंस के बजट एलोकेशन में वित्त वर्ष 2022-23 के मुकाबले 32 फीसदी कमी की गई थी। स्पेस साइंस के तहत चंद्रयान 3, आदित्य एल1 और ISRO के क्लाइमेट और एटमोस्फेयरिक प्रोग्रम आते हैं।
INSAT के लिए 112 करोड़ रुपये का आवंटन
वित्त वर्ष 2023-24 में INSAT सैटेलाइट प्रोग्राम के बजट को बढ़ाकर 112 करोड़ रुपये कर दिया गया था। यह माना गया था कि इससे सैटकॉम सर्विस प्रोविजंस के जरिए वित्त वर्ष 2023-24 में 445 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल होगा। In-Space को सिर्फ 95 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ था। यह प्राइवेट सेक्टर के लिए सरकार की सिंगल-विंडो एंटिटी है। इसमें से 53 करोड़ रुपये का खर्च संगठन के अपने पूंजीगत खर्च के लिए होना था।
ISRO ने बनाया है बड़ा प्लान
इस साल इंडियन स्पेस सेक्टर ने इतिहास रच दिया। 23 अगस्त को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 उतरने में सफल रहा। इंडिया ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया। अब तक सिर्फ अमेरिका, चीन और रूस ने यह उपलब्धि हासिल की है। करीब एक हफ्ते बाद ISRO ने देश के पहले स्पेस-आधारित मिशन आदित्य एल1 को फायर किया। यह सूर्य का अध्ययन करेगा। 7 दिसंबर को सरकार ने राज्यसभा में ISRO के प्लान के बारे में बताया। इनमें छह PSLV मिशन, 3 GSLV लॉन्च और एक कमर्शियल मिशन शामिल हैं। इसके तहत 2024 में व्हीकल मार्क-3 लॉन्च करने की योजना है।
अंतरिक्ष प्रोग्राम पर बढ़ा है सरकार का फोकस
IN-SPACe के चेयरमैन डॉ पवन गोयनका ने हाल में मीडिया से बातचीत में बताया था कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद स्पेस सेक्टर पर फोकस बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इंडिया के स्पेस प्रोग्राम में प्राइवेट सेक्टर की हिस्सेदारी बढ़ाने की जरूरत है। इस सेक्टर में फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट (FDI) होने से स्पेस सेक्टर में अतिरिक्त मौके बनाने में मदद मिलेगी।
अंतरिक्ष मिशन के लिए बढ़ाना होगा बजट आवंटन
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2024 को यूनियन बजट पेश करेंगी। यह अंतरिम बजट होगा, जिसमें सरकार का फोकस अगले वित्त वर्ष के शुरुआती कुछ महीनों के अपने खर्च के प्रस्ताव पर संसद की मंजूरी हासिल करना होगा। इसके बावजूद वित्तमंत्री स्पेस प्रोग्राम को लेकर सरकार के प्लान और प्रतिबद्धता के बारे में विस्तार से बता सकती हैं। अगले साल अप्रैल-मई में लोकसभा चुनावों के बाद जो नई सरकार बनेगी वह भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए आवंटन में बड़ा इजाफा कर सकती है।