Budget 2024-25 : टैक्सपेयर्स को निर्मला सीतारमण के बजट से हैं ये 4 बड़ी उम्मीदें

Budget 2024-25 : टैक्सपेयर्स का कहना है कि पिछले 2-3 सालों में महंगाई बहुत बढ़ी है। इससे लोगों खासकर नौकरी करने वाले लोगों की मुश्किल बढ़ गई है। ऐसे में वित्तमंत्री Nirmala Sitharaman 1 फरवरी को बजट में इनकम टैक्स में राहत का ऐलान कर लोगों को बड़ी राहत दे सकती हैं

अपडेटेड Jan 05, 2024 पर 12:01 PM
Budget 2024-25 : टैक्सपेयर्स को सबसे ज्यादा उम्मीद हेल्थ इंश्योरेंस के डिडक्शन के मामले में है। अभी हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने पर उसके प्रीमियम पर डिडक्शन की इजाजत है। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80डी के तहत इस डिडक्श को क्लेम किया जा सकता है।

Budget 2024-25 : यूनियन बजट (Union Budget 2024) पेश होने में 1 महीने से कम समय बचा है। वित्तमंत्री 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2024-25 का यूनियन बजट पेश करेंगी। यह अंतरिम बजट होगा। वित्त वर्ष 2024-25 का पूर्ण बजट अप्रैल-मई के लोकसभा चुनावों के बाद आएगा। फिर भी टैक्सपेयर्स को इस बजट से कई उम्मीदें हैं। उनका कहना है कि पिछले 2-3 सालों में महंगाई बहुत बढ़ी है। इससे लोगों खासकर नौकरी करने वाले लोगों की मुश्किल बढ़ गई है। वित्तमंत्री Nirmala Sitharaman 1 फरवरी को बजट में इनकम टैक्स में राहत का ऐलान कर लोगों को बड़ी राहत दे सकती हैं। मनीकंट्रोल ने यूनियन बजट 2024 से उम्मीदों के बारे में जानने के लिए टैक्सपेयर्स से बातचीत की। आइए जानते हैं इस बजट से उनकी सबसे बड़ी उम्मीदें क्या-क्या हैं।

हेल्थ इंश्योरेंस पर डिडक्शन की लिमिट बढ़ाई जाए

टैक्सपेयर्स को सबसे ज्यादा उम्मीद हेल्थ इंश्योरेंस के डिडक्शन के मामले में है। अभी हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने पर उसके प्रीमियम पर डिडक्शन की इजाजत है। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80डी के तहत इस डिडक्श को क्लेम किया जा सकता है। कोई व्यक्ति खुद और अपने परिवार (पत्नी और बच्चों) के लिए हेल्थ पॉलिसी खरीदकर डिडक्शन का दावा कर सकता है। अभी प्रीमियम पेमेंट पर डिडक्शन के लिए 25,000 रुपये की लिमिट तय है। इसका मतलब है कि कोई व्यक्ति खुद और अपने परिवार के लिए फ्लोटर हेल्थ पॉलिसी खरीदता है तो वह प्रीमियम पर मैक्सिमम 25,000 रुपये का डिडक्शन क्लेम कर सकता है। अगर फ्लोटर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम 35,000 रुपये है तो भी उसे सिर्फ 25,000 रुपये का डिडक्शन क्लेम करने की इजाजत होगी। इसका मतलब है कि उसे प्रीमियम के अतिरिक्त 10,000 रुपये (35,000-25,000 = 10,000) पर किसी तरह का डिडक्शन नहीं मिलेगा।

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एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोविड की महामारी के बाद इंश्योरेंस कंपनियों ने हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम काफी बढ़ाए हैं। इसे देखते हुए सरकार को हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर डिडक्शन की लिमिट को 25,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर देनी चाहिए। इसके अलावा सीनियर सिटीजंस को हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर सालाना 50,000 रुपये के डिडक्शंस की इजाजत है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसे बढ़ाकर कम से कम 75,000 रुपये कर देना चाहिए। इससे करोड़ों लोगों को फायदा होगा। यह डिडक्शन इनकम टैक्स की सिर्फ ओल्ड स्कीम में मिलता है।

सेक्शन 80सी की लिमिट 3 लाख की जाए

इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में इमकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 80सी के तहत आने वाले करीब एक दर्जन इंस्ट्रूमेंट्स में एक वित्त वर्ष में 1.5 लाख रुपये का निवेश कर डिडक्शन का दावा किया जा सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि करीब 10 साल पहले यह लिमिट तय की गई थी। इस दौरान लोगों की इनकम काफी बढ़ी है। लेकिन, सेक्शन 80सी की लिमिट में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसलिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन की लिमिट बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर देनी चाहिए। इस एक कदम के कई फायदे होंगे। लोगों पर टैक्स का बोझ कम होगा। साथ ही उन्हें ज्यादा सेविंग्स करने का मौका मिलेगा।

होम लोन के डिडक्शन की लिमिट बढ़ाई जाए

अभी इनकम टैक्स के सेक्शन 24बी के तहत होम लोन के इंटरेस्ट पेमेंट पर डिडक्शन की इजाजत है। एक वित्त वर्ष में 2 लाख रुपये तक का डिडक्शन होम लोन के इंटरेस्ट पर क्लेम किया जा सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस लिमिट को बढ़ाकर कम से कम 3 लाख रुपये करने की जरूरत है। इसकी वजह यह है कि पिछले कुछ सालों में घरों की कीमतें बढ़ी हैं। इसके अलावा जिन लोगों ने पहले घर खरीदने के लिए होम लिया है उनकी EMI भी इंटरेस्ट रेट्स बढ़ने की वजह से बढ़ गई है। इसलिए सरकार को इंटरेस्ट पर डिडक्शन की लिमिट को बढ़ाना चाहिए।

नई टैक्स रीजीम में भी मिले होम लोन पर डिडक्शन की सुविधा

कई टैक्सपेयर्स ने कहा कि वित्तमंत्री को इनकम टैक्स की नई रीजीम में भी होम लोन पर डिडक्शन देना चाहिए। जिन लोगों ने होम लोन लिया है वे चाहकर भी इनकम टैक्स की नई रीजीम का इस्तेमाल नहीं कर सकते। इसकी वजह यह है कि नई रीजीम में होम लोन पर डिडक्शन की सुविधा नहीं मिलती है। होम लोन पर डिडक्शन क्लेम करने की सुविधा मिलने से टैक्स का बोझ कम हो जाता है। सरकार अगर लोगों के अपने घर के सपने को पूरा करने में मदद करना चाहती है तो उसे यह बदलाव जल्द करना चाहिए।

 

 

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