Budget 2024 : पिछले 10 साल में रेलवे के लिए आवंटन करीब 10 गुना पहुंच गया है

Budget 2024 : केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 में इंडियन रेलवे के लिए 2.4 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया था। वित्त वर्ष 2022-23 में यह आवंटन 1.4 लाख करोड़ रुपये था। यह एक साल में 1.03 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि थी। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इंडियन रेलवे ने एक साल में 5,200 किलोमीटर ट्रैक बनाए, जबकि स्विट्जरलैंड का रेलवे नेटवर्क कुल 5,000 किलोमीटर का है। इसका मतलब है कि इंडियन रेलवे के ट्रैक में एक देश के नेटवर्क जितनी वृ्द्धि हर साल हो रही है

अपडेटेड Dec 15, 2023 पर 12:15 PM
Budget 2024 : रेलवे अपने ऑपरेटिंग कॉस्ट को पूरा करने के लिए अपने फंड का इस्तेमाल करता है। इसमें पेरोल, एंप्लॉयीज के बेनेफिट्स, पेशंन और एसेट का मेंटेनेंस शामिल हैं। केंद्र सरकार से बजट में मिले पैसे, बजट के अतिरिक्त हासिल फंड और आंतरिक स्रोतों का इस्तेमाल पूंजीगत खर्च के लिए किया जाता है।

Budget 2024: केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2013-14 के मुकाबले वित्त वर्ष 2023-24 में रेलवे को 9 गुना बजंट आवंटित किया। यह जानकारी वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने दी है। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 में इंडियन रेलवे के लिए 2.4 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया था। वित्त वर्ष 2022-23 में यह आवंटन 1.4 लाख करोड़ रुपये था। यह एक साल में 1.03 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि थी। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कांग्रेस की सरकारों के दौरान रेलवे की हिस्सेदारी घटकर 27 फीसदी पर आ गई थी। 2014 में केंद्र में सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साहसिक फैसला लिया। रेलवे बजट को जनरल बजट (Union Budget 2024) में विलय करने का फैसला केंद्र सरकार ने लिया। इस विलय के बाद रेलवे को ज्यादा फंड मिलना शुरू हो गया। उन्होंने बताया कि पिछले साल रेलवे ने 5,200 किलोमीटर नए ट्रैक बनाए हैं।

एक साल में बना स्विट्जरलैंड जितना रेल नेटवर्क

रेलमंत्री ने बताया कि इंडियन रेलवे ने एक साल में 5,200 किलोमीटर ट्रैक बनाए, जबकि स्विट्जरलैंड का रेलवे नेटवर्क कुल 5,000 किलोमीटर का है। इसका मतलब है कि इंडियन रेलवे के ट्रैक में एक देश के नेटवर्क जितनी वृ्द्धि हर साल हो रही है। कर्नाटक में 57 स्टेशनों के आधुनिकीकरण का काम पूरा हो चुका है। केंद्र सरकार के रेलवे के लिए आवंटन बढ़ाने से रेलवे कॉन्ट्रैक्टर और वैगन बनाने वाली कंपनियों के काफी ज्यादा ऑर्डर मिल रहे हैं। रेलवे अपने प्रोजेक्ट्स पूरे करने के लिए केंद्र सरकार से बजट में मिले फंड, संस्थानों से लिए गए कर्ज, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरिशिप और फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट से मिले पैसे का इस्तेमाल करता है।


यह भी पढ़ें : Interim Budget 2024 : निर्मला सीतारमण के छठे यूनियन बजट के बारे में जानिए 5 अहम बातें

रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का बढ़ा है फोकस

रेलवे अपने ऑपरेटिंग कॉस्ट को पूरा करने के लिए अपने फंड का इस्तेमाल करता है। इसमें पेरोल, एंप्लॉयीज के बेनेफिट्स, पेशंन और एसेट का मेंटेनेंस शामिल हैं। केंद्र सरकार से बजट में मिले पैसे, बजट के अतिरिक्त हासिल फंड और आंतरिक स्रोतों का इस्तेमाल पूंजीगत खर्च के लिए किया जाता है। इनमें स्टेशनों का आधुनिकीकरण और वैगन की खरीद शामिल हैं। केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद से रेलवे से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर फोकस बढ़ा है। सरकार देशभर में रेलवे स्टेशनों के कायाकल्प पर ध्यान दे रही है। स्टेशनों पर यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।