Budget 2024: इज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए करीब 100 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर करेगी सरकार

सरकार ने इज ऑफ डूइंग बिजनेस पर फोकस बढ़ाया है। इसके तहत उन प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जा रहा है, जिनमें पेनाल्टी लगाने से मकसद पूरा हो सकता है। सरकार का मानना है कि इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में मदद मिलेगी

अपडेटेड Jun 25, 2024 पर 4:23 PM
अपराध की श्रेणी से बाहर करने के लिए कुल 580 प्रावधानों का विश्लेषण किया गया।

अगले महीने पेश होने वाले बजट में सरकार का फोकस इज ऑफ डूइंग बिजनेस पर होगा। इसके लिए 100 से अधिक प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जाएगा। एक सरकारी अधिकारी ने इस बारे में बताया। उन्होंने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा कि जन विश्वास बिल करीब तैयार हो चुका है। अपराध की श्रेणी से बाहर करने के लिए कुल 580 प्रावधानों का विश्लेषण किया गया। इनमें से 310 प्रावधानों को बनाए रखा गया है। बाकी को अपराध की श्रेणी से हटाने की तैयार है। इसका ऐलान बजट में हो सकता है।

निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा

जन विश्वास बिल में छोटी-छोटी गलतियों पर क्रिमिनल प्रोसिडिंग्स और जेल के प्रावधान खत्म किए गए हैं। इनकी जगह पेनाल्टी लगाई गई है। इसका मकसद निवेशकों का भरोसा बढ़ाना और कोर्ट पर अनावयश्यक बोझ में कमी लाना है। उदाहरण के लिए TDS पेमेंट में देर को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया है। कंपनियों ने सरकार को दिए सुझाव में कहा था कि ऐसे मामलों पर पेनाल्टी लगाई जानी चाहिए और इसे सिविल लायबिलिटी माना जाना चाहिए।


इनकम टैक्स के कुछ प्रावधानों पर भी विचार

पहली बार इस बिल के जरिए इनकम टैक्स एक्ट के कुछ खास प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जा रहा है। सेंट्रल एक्साइज एक्ट और सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज एक्ट के कुछ प्रावधानों पर भी विचार हो रहा है। अधिकारी ने बताया कि 130-180 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से हटाकर जन विश्वास बिल का हिस्सा बनाया जा सकता है। फाइनेंस मिनिस्ट्री के तहत डिपार्टमेंट ऑफ रेवेन्यू सहित कई डिपार्टमेंट कुल 270 प्रावधानों में से 160 पर विचार कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: Budget 2024: निर्मला सीतारमण का यह बजट कई मायनों में खास है, जानिए क्यों

110 प्रावधानों पर DPIIT कर रहा विचार

डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इनटर्नल ट्रेड (DPIIT) के सेक्रेटरी की अगुवाई में एक इंटर-मिनिस्ट्रियल कमेटी (IMC) 8 कानूनों के अतिरिक्त 110 प्रावधानों पर विचार कर रही है। अधिकारी ने कहा कि अप्रैल से लगातार आईएमसी की बैठक हो रही है। अब तक करीब 5 बार मीटिंग्स हो चुकी हैं। अपराध की श्रेणी से बाहर करने के लिए कुछ दूसरे कानूनों पर भी विचार हुआ है। इनमें सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया एक्ट, सिक्योरीटज कॉन्ट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) एक्ट, डिपॉजिटर्स एक्ट आदि शामिल हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।