Budget 2024 : सरकार ने 1 फरवरी, 2022 को यूनियन बजट पेश होने के कुछ ही दिन पहले वी अनंत नागेश्वरन को अपना चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर बनाया था। इस महीने के आखिर में उनके कार्यकाल के दो साल पूरे हो जाएंगे। अंतरिम बजट 2024 (Interim Budget 2024) तैयार करने में सरकार के इस सबसे बड़े इकोनॉमिस्ट की बड़ी भूमिका होगी। चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर पर आर्थिक सर्वे तैयार करने की भी जिम्मेदारी होती है। लेकिन, इस साल अंतरिम बजट में सरकार का फोकस सिर्फ वोट-ऑन-अकाउंट पर होगा। इसलिए आर्थिक सर्वे जुलाई में पूर्ण बजट से पहले पेश होगा। अप्रैल-मई में लोकसभा चुनावों के बाद जो नई सरकार बनेगी वह पूर्ण बजट जुलाई में पेश करेगी।
बजट 2024 : जी20 की बैठकों में आर्थिक मसलों की रूपरेखा तय की
नागेश्वरन का मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में 2 साल का कार्यकाल कई मायनों में अहम रहा है। इस दौरान भारत की अध्यक्षता में हुई जी20 की बैठकों में आर्थिक मसलों की रूपरेखा तैयार करने में उनकी बड़ी भूमिका रही। उन्होंने इस दौरान वैश्विक मसलों पर कई बार अपना नजरियां और चिंताएं जाहिर की। इनमें क्लाइेट फाइनेंस से लेकर रेटिंग एजेंसियों की तरफ से अपनाए जाने वाले रेटिंग के तरीके शामिल हैं।
बजट 2024 : फाइनेंस में पीएचडी की डिग्री
नागेश्वरन ने University of Massachusetts Amherst से फाइनेंस में पीएचडी किया है। उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट-अहमदाबाद से एमबीए किया है। उन्होंने चार किताबें लिखी हैं। 2019 से 2021 के दौरान वह प्रधान मंत्री की इकोनॉमिक एडवायजरी काउंसिल के पार्ट-टाइम मेंबर थे। वह इंडिया और सिंगापुर में बिजनेस स्कूल और मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट्स में पढ़ा चुके हैं। उन्होंने कॉर्पोरेट सेक्टर में 17 साल बिताए हैं। इस दौरान उन्होंने UBS, Credit Suisse Julius Baer जैसी दिग्गज फाइनेंशियल कंपनियों में काम किया।
बजट 2024 : क्रूड आयल की कीमतों का भारत पर असर नहीं
मुख्य आर्थिक सलाहकार ने क्रूड ऑयल की कीमतों में आए उछाल पर हाल में कहा था कि इसका इंडिया पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा था कि क्रूड की कीमतों में उछाल की वजह ग्लोबल फैक्टर्स हैं। उन्होंने 2024 में एनर्जी की डिमांड ज्यादा नहीं बढ़ने का अनुमान जताया है। इससे इस साल क्रूड की कीमतों में भी ज्यादा उछाल आने का अनुमान नहीं है।