Budget 2024 : होम लोन इंटरेस्ट पर डिडक्शन बढ़ाने से घर खरीदने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी

Budget 2024 : सरकार को इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 24 के तहत होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन बढ़ाना चाहिए। इसे 2 लाख रुपये से बढ़ाकर कम से कम 5 लाख रुपये करने की जरूरत है। इससे घरों की बिक्री बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी

अपडेटेड Jan 05, 2024 पर 1:19 PM
Budget 2024 : एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार सस्ते घरों की स्कीम के लिए रियल एस्टेट कंपनियों को जमीन उपलब्ध करा सकती है। कई सरकारी एजेंसियों के पास काफी जमीन है। उसका इस्तेमाल नहीं हो रहा है।

Budget 2024 : रियल एस्टेट उन सेक्टर में शामिल है, जिन पर कोरोना की महामारी की सबसे ज्यादा मार पड़ी थी। बीते 1 से 1.5 साल की इस सेक्टर की रौनक लौटी है। अटके पड़े प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो गया है। नहीं बिके घरों की संख्या में काफी कमी आई है। इससे रियल एस्टेट कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सुधार आया है। घरों की कीमतें भी बढ़ी हैं। इंटरेस्ट रेट्स बढ़ने के बावजूद लोग घर खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसका असर रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों पर दिखा है। 2023 में रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों ने शानदार रिटर्न दिए हैं। सरकार की मदद मिलने पर रियल एस्टेट सेक्टर के अच्छे दिन लौट सकते हैं। रियल एस्टेट इंडस्ट्री को यूनियन बजट 2024 (Union Budget 2024) से काफी उम्मीदें हैं। वित्तमंत्री Nirmala Sitharaman 1 फरवरी को यूनियन बजट 2024 पेश करेंगी।

सेक्शन 24 के तहत डिडक्शन बढ़ाया जाए

ANAROCK Group के चेयरमैन अनुज पुरी ने बताया कि सरकार को इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 24 के तहत होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन बढ़ाना चाहिए। इसे 2 लाख रुपये से बढ़ाकर कम से कम 5 लाख रुपये करने की जरूरत है। इससे घरों की बिक्री बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी। खासकर छोटे घरों की मांग बढ़ेगी। कोरोना की महामारी के बाद से बजट होम सेगमेंट यानी छोटे घरों की मांग में कमी देखने को मिली है। सरकार का फोकस हर परिवार के घर के सपने को पूरा करने पर है। ऐसे में होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन बढ़ाने से बड़ा फर्क पड़ेगा।


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सस्ते घरों की उपलब्धता बढ़ाने की जरूरत

हाउसिंग डॉट कॉम के सीईओ ध्रुव अग्रवाल ने कहा कि 1 फरवरी को पेश होने वाला बजट हाउसिंग सेक्टर को बड़ी चुनौतियों से निपटने में मददगार साबित हो सकता है। उन्होंने भी होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन बढ़ाकर कम से कम 4 लाख रुपये करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि इससे घरों की डिमांड बढ़ेगी। साथ ही इकोनॉमी की रफ्तार बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

बेकार पड़ी जमीन का इस्तेमाल किया जाए

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार सस्ते घरों की स्कीम के लिए रियल एस्टेट कंपनियों को जमीन उपलब्ध करा सकती है। कई सरकारी एजेंसियों के पास काफी जमीन है। उसका इस्तेमाल नहीं हो रहा है। अगर यह जमीन रियल एस्टेट कंपनियों को आवंटित कर दी जाती है तो बड़ी संख्या में कम कीमत वाले घर बनाना मुमकिन हो सकता है। अभी घर बनाने में सबसे ज्यादा पैसा उसकी जमीन पर खर्च हो जाता है। इसके चलते घर की कीमत बहुत बढ़ जाती है। कीमत ज्यादा होने पर यह आम आदमी के पहुंच से बाहर हो जाता है।

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