Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बजट पेश करने वाली हैं। 2024 में आम चुनाव होने के कारण फरवरी में इंटरिम बजट पेश किया जाएगा और फिर चुनाव नतीजों के बाद केंद्र की सत्ता में आने वाली सरकार जुलाई माह में पूर्ण बजट पेश करेगी। फरवरी के बजट से अन्य इंडीविजुअल्स और सेक्टर्स की तरह ही रियल एस्टेट सेक्टर को भी काफी उम्मीदें हैं। सेक्टर का मानना है कि इंटरिम बजट खरीदार, डेवलपर्स, फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस समेत सभी स्टेकहोल्डर्स के हित में रहेगा।
वैसे तो चुनाव से पहले इंटरिम बजट में बड़ी-बड़ी घोषणाएं नहीं होती हैं लेकिन फिर भी रियल एस्टेट सेक्टर को उम्मीद है कि वित्त मंत्री टैक्स में छूट को लेकर ऐलान कर सकती हैं। रियल एस्टेट सेक्टर का मानना है कि इस बार के बजट में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सभी को घर' विजन को महत्व दिया जाएगा, जिसके लिए किफायती आवास को बूस्ट देना जरूरी है। कोविड ने किफायती आवास को बुरी तरह प्रभावित किया है। ऐसे में इंडस्ट्री का मानना है कि होम लोन पर टैक्स छूट का दायरा बढ़ाने जैसे कदम इस दिशा में जरूरी हैं।
क्रेडाई की दलील: 5 लाख तक हो टैक्स छूट
क्रेडाई ने तर्क दिया है कि मौजूदा ब्याज दरें एक महत्वपूर्ण चुनौती पेश करती हैं। 2024 की दूसरी तिमाही तक रेपो दर में भी कटौती की संभावना नहीं है। ऐसे में होम लोन के टैक्स दायरे को बढ़ाने की जरूरत है। क्रेडाई इस बार के बजट में होम लोन पर टैक्स छूट को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की मांग की है।
काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर अमित मोदी के मुताबिक, इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 24 के तहत होम लोन की ब्याज दरों पर 2 लाख रुपये तक की टैक्स छूट को बढ़ाकर कम से कम 5 लाख रुपये करना जरूरी है। ऐसा करने से आवास के लिए और अधिक मजबूत बाजार को बढ़ावा मिल सकता है।
NAREDCO ने मांगी वित्तीय सहायता
रियल एस्टेट कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली NAREDCO का कहना है कि सरकार से मदद मिलने पर यह सेक्टर तेज ग्रोथ दिखा सकता है। NAREDCO यानि नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल ने इसके लिए वित्त मंत्रालय को अपनी मांग के बारे में बताया है। उसने सरकार से बजट में 50,000 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायती मांगी है। NAREDCO का कहना है कि सरकार स्पेशल विंडो फॉर एफोर्डेबल एंड मिड-इनकम हाउसिंग (SWAMIH) फंड की दूसरी किस्त के रूप में 50,000 करोड़ रुपये की सहायता दे सकती है। इसके अलावा जीएसटी के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट की इजाजत देने की भी गुजारिश सरकार से की गई है।
Signature Global (India) Ltd के फाउंडर और चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल का कहना है कि रियल एस्टेट सेक्टर को वित्त मंत्री से काफी उम्मीदें हैं। इंडस्ट्री उनसे इस सेक्टर को रफ्तार देने वाले ट्रांसफॉर्मेटिव उपायों की गुजारिश करती है।
2023 में टॉप 7 शहरों में घरों की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री
पिछले छह वर्षों में बढ़ती कीमतों और उच्चतम ब्याज दरों से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद वर्ष 2023 में देश के रियल एस्टेट सेक्टर में जबरदस्त तेजी देखी गई। 2023 में भारत के टॉप 7 शहरों में लगभग 4.77 लाख रेजिडेंशियल यूनिट्स की रिकॉर्ड-तोड़ बिक्री देखी गई। नए लॉन्च किए गए घरों की बिक्री के आंकड़ों पर गौर करें तो इसकी संख्या भी अच्छी खासी रही, जो 4.46 लाख यूनिट्स के करीब पहुंच गए। देश की उच्च आर्थिक वृद्धि और होम लोन की ब्याज दरों में कमी की उम्मीद के कारण इस साल यानी 2024 में भी डिमांड में तेजी रहने का अनुमान है।