Union Budget 2024: वित्त वर्ष 2023-24 में जीएसटी कलेक्शन (GST Collection) बजट 2023 में तय लक्ष्य को पार कर सकता है। सरकार हर महीने जीएसटी कलेक्शन के शानदार आंकड़ों से बहुत उत्साहित है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि 1 फरवरी, 2024 को पेश होने वाले अंतरिम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) जीएसटी कलेक्शन के FY24 के टारगेट को संशोधित कर सकती हैं। इस वित्त वर्ष के पहले 8 महीनों में जीएसटी कलेक्शन 13.32 लाख करोड़ रुपये रहा है। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के जीएसटी कलेक्शन के मुकाबले 12 फीसदी ज्यादा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद को बताया था कि जुलाई 2017 में जीएसटी की व्यवस्था लागू हुई थी। तब से जीएसटी कलेक्शन लगातार बढ़ रहा है।
अप्रैल में रिकॉर्ड 1.87 लाख करोड़ कलेक्शन
निर्मला सीतारमण ने 4 दिसंबर को लोकसभा में एक सवाल के जवाब में कहा कि इस साल अप्रैल में जीएसटी कलेक्शन 1.87 लाख करोड़ रुपये रहा। इस वित्त वर्ष में हर महीने जीएसटी कलेक्शन 1.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है। 1 दिसंबर को नवंबर के जीएसटी कलेक्शन के जीएसटी के आंकड़े जारी किए गए। नवंबर के जीएसटी कलेक्शन के आकड़े आने के बाद इस वित्त वर्ष हर महीने औसत जीएसटी कलेक्शन का भी पता चला है। यह 1.67 लाख करोड़ रुपये है। वित्त वर्ष 2022-23 में यह डेटा 1.51 लाख करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2021-2 में यह आंकड़ा 1.24 लाख करोड़ रुपये था। जिस साल जीएसटी की व्यवस्था लागू हुई थी यानी वित्त वर्ष 2017-18 में यह सिर्फ 89,885 करोड़ रुपये था।
वित्त वर्ष 2022-23 में जीएसटी कलेक्शन 9.57 लाख करोड़
दिसंबर के जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े 1 जनवरी, 2024 को आएंगे। इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ अनुमान के मुकाबले ज्यादा है। इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 7.6 फीसदी रही। रिजर्व ने दिसंबर की अपनी मॉनेटरी पॉलिसी में वित्त वर्ष 2023-24 में जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.5 फीसदी से बढ़ाकर 7 फीसदी कर दिया है। इसका असर जीएसटी कलेक्शन पर पड़ने की उम्मीद है। इस वित्त वर्ष जीएसटी कलेक्शन बजट में तय लक्ष्य से पार कर जाने की उम्मीद है। बजट 2023 में सरकार ने कहा था कि वित्त वर्ष 2023-24 में जीएसटी कलेक्शन 12 फीसदी (वित्त वर्ष 2022-23 के मुकाबले) ज्यादा रहेगा। वित्त वर्ष 2022-23 में जीएसटी कलेक्शन 9.57 लाख करोड़ रुपये था।
टारगेट से 80,000 करोड़ ज्यादा रह सकता है कलेक्शन
जीएसटी कलेक्शन में सेंट्रल जीएसटी, स्टेट जीएसटी और इंटिग्रेटेग जीएसटी से होने वाला कलेक्शन शामिल है। सेंट्रल जीएसटी को CGST कहा जाता है। इससे होने वाला कलेक्शन कंसॉलिडेटेड फंड ऑफ इंडिया में जाता है। स्टेट जीएसटी कलेक्शन से मिला पैसा राज्यों को जाता है। इंटिग्रेटेड जीएसटी कलेक्शन से मिला पैसा केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच हर महीने बंट जाता है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने कहा है कि इस वित्त वर्ष के दौरान जीएसटी कलेक्शन तय लक्ष्य से 80,000 करोड़ रुपये ज्यादा रह सकता है।