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Budget 2024: इनकम टैक्स की बेसिक एग्जेंप्शन लिमिट की जाए ₹5 लाख, मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स की विशलिस्ट में और क्या शामिल

Full Budget 2024-25: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को संसद में वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पूर्ण बजट पेश करने वाली हैं। यह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट होगा। वहीं 2014 में पहली बार नरेंद्र मोदी सरकार के अस्तित्व में आने के बाद से इस सरकार का 13वां बजट होगा। वित्त मंत्री सीतारमण 7वीं बार संसद में बजट पेश करेंगी

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Jul 21, 2024 पर 3:41 PM
Budget 2024: इनकम टैक्स की बेसिक एग्जेंप्शन लिमिट की जाए ₹5 लाख, मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स की विशलिस्ट में और क्या शामिल
चुनावी वर्ष होने के चलते इस साल फरवरी में अंतरिम बजट पेश किया गया था।

Union Budget 2024: 23 जुलाई को देश में वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पूर्ण बजट पेश होने वाला है। चुनावों से पहले इस साल फरवरी में पेश हुए अंतरिम बजट में करदाताओं को इनकम टैक्स की दरों में राहत नहीं मिली थी। अब आम चुनाव और नई सरकार के बनने के बाद पेश होने जा रहे पूर्ण बजट से मिडिल क्लास इंडीविजुअल टैक्सपेयर राहत की आस लगाए हुए हैं। उनकी विशलिस्ट में इनकम टैक्स की दरों में कमी, बेसिक एग्जेंप्शन लिमिट में बढ़ोतरी जैसी चीजें शामिल हैं।

टैक्सपेयर कितनी चाहते हैं बेसिक एग्जेंप्शन लिमिट

पुरानी आयकर व्यवस्था के तहत बेसिक एग्जेंप्शन लिमिट 2.5 लाख रुपये और नई आयकर व्यवस्था के तहत 3 लाख रुपये है। टैक्सपेयर की टैक्सेबल इनकम इस लिमिट तक या इससे कम होने पर उसे कोई टैक्स नहीं देना होता है। उम्मीद की जा रही है कि पूर्ण बजट 2024 में इस लिमिट को नई आयकर व्यवस्था के तहत बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जा सकता है।

टैक्स कंसल्टेंसी फर्म टैक्सआराम इंडिया के चार्टर्ड अकाउंटेंट और फाउंडर-डायरेक्टर मयंक मोहनका का कहना है कि इससे न तो सरकार के टैक्स रेवेन्यू कलेक्शन पर बहुत अधिक असर पड़ेगा और न ही टैक्स बेस कम होगा। हां, लेकिन इससे हायर टैक्स ब्रैकेट में आने वालों को अपना टैक्स खर्च कम करने में मदद जरूर मिलेगी। मोहनका का मानना है कि अगर सरकार बेसिक एग्जेंप्शन लिमिट को बढ़ाकर 5 लाख रुपये करती है तो 15-20 लाख रुपये की टैक्सेबल इनकम वाले लोग टैक्स में 50,000-60,000 रुपये की बचत कर सकते हैं।

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