Banking Budget 2024 : बजट ने सरकारी बैंकों में भरा जोश, इन स्टॉक्स में 5% तक की तेजी, क्या है वजह?

Budget 2024 : Punjab & Sind Bank के शेयरों में इस समय 4.42 फीसदी की तेजी आई है। वहीं, इंडियन बैंक का शेयर 4.34 फीसदी की मजबूत हुआ है। इसके अलावा, Indian Overseas Bank के शेयर 4 फीसदी, Bank of India के शेयर 3.60 फीसदी और यूनियन बैंक के शेयर 3.29 फीसदी की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं

अपडेटेड Feb 01, 2024 पर 3:23 PM
Budget 2024 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 1 फरवरी को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम बजट पेश कर दिया है।

Budget for Banking Sector : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने आज 1 फरवरी को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम बजट पेश किया है। इस बीच आज कई सरकारी बैंकों (PSU Banks) के शेयरों में तेजी आई है। इस समय निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स 2.63 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि FY25 के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर को 11.1 फीसदी बढ़ाकर 11.1 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे पीएसयू बैंकों के कॉर्पोरेट लेंडिंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा।

इन PSU स्टॉक्स में उछाल

पीएसयू स्टॉक्स की बात करें तो Punjab & Sind Bank के शेयरों में इस समय 4.42 फीसदी की तेजी आई है। वहीं, इंडियन बैंक का शेयर 4.34 फीसदी की मजबूत हुआ है। इसके अलावा, Indian Overseas Bank के शेयर 4 फीसदी, Bank of India के शेयर 3.60 फीसदी और यूनियन बैंक के शेयर 3.29 फीसदी की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं। इसके अलावा, सबसे बड़े बैंक SBI के शेयरों में भी एक फीसदी से अधिक का उछाल देखने को मिल रहा है।


निर्मला सीतारमण ने Budget 2024 में किया ऐलान 

सरकार ने FY25 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य घटाकर GDP का 5.1 फीसदी कर दिया, जो FY24 में 5.8 फीसदी था। एनालिस्ट्स ने आगे कहा इससे पीएसयू बैंकों के पास कर्ज देने के लिए अधिक पैसा होगा और इन्फ्रॉस्ट्रक्चर सेक्टर पर फोकस करने से पीएसयू बैंकों की ओर से कॉर्पोरेट लेंडिंग की मांग बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इससे राजकोषीय घाटे में अनुमान से अधिक कमी के कारण ब्याज दरों में कमी आने की संभावना है, जिससे ओवरऑल मैक्रोइकोनॉमिक स्टेबिलिटी में बढ़ोतरी होगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपने बजट भाषण में कहा कि केंद्र अपने राजकोषीय घाटे को पूरा करने के लिए 2024-25 में बाजारों से 14.13 लाख करोड़ रुपये उधार लेगा। मनीकंट्रोल सर्वे में अर्थशास्त्रियों के अनुसार सरकार को अगले वित्तीय वर्ष के लिए अपनी सकल उधारी 15.2 लाख करोड़ रुपये और शुद्ध उधारी 11.5 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद थी। अगले वर्ष के लिए ग्रॉस बॉरोइंग टारगेट इस वर्ष के बजट अनुमान 15.43 लाख करोड़ रुपये से कम है। वित्त मंत्री के अनुसार अगले वित्तीय वर्ष में मैच्योरिटी के लिए एडजस्टेड नेट बॉरोइंग 11.75 लाख करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है।

 

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