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Budget 2024 : इनकम टैक्स की नई रीजीम को अट्रैक्टिव बनाने के लिए हो सकते हैं ये ऐलान

Budget 2024 : एक्सपर्ट्स का कहना है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को इनकम टैक्स की नई रीजीम को अट्रैक्टिव बनाने के लिए उपायों का ऐलान कर सकती हैं। अभी इनकम टैक्स की नई रीजीम में सेक्शन 80सी के फायदे नहीं मिलते हैं। सेक्शन 80डी का फायदा नहीं मिलता है। होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन का लाभ भी नहीं मिलता है। लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने पर डिडक्शन मिलता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 09, 2024 पर 9:59 PM
Budget 2024 : इनकम टैक्स की नई रीजीम को अट्रैक्टिव बनाने के लिए हो सकते हैं ये ऐलान
Budget 2024 : यूनियन बजट 2023 में वित्तमंत्री ने इनकम टैक्स की नई रीजीम को अट्रैक्टिव बनाने के लिए कई उपायों के एलान किए थे। नई टैक्स रीजीम को डिफॉल्ट रीजीम बनाने का ऐलान किया था। वित्तमंत्री ने नई टैक्स रीजीम में रिबेट के लिए सालाना इनकम की सीमा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दी थी।

Budget 2024 : वित्तमंत्री के बजट भाषण में लोगों की निगाहें सबसे ज्यादा इनकम टैक्स से जुड़े ऐलान पर होती हैं। बजट से पहले भी सबसे ज्यादा अनुमान इनकम टैक्स के नियमों में बदलाव को लेकर लगाए जाते हैं। वित्तमंत्री Nirmala Sitharaman 1 फरवरी को यूनियन बजट (Union Budget 2024) पेश करेंगी। यह अंतरिम बजट होगा। उन्होंने 7 दिसंबर को कहा था कि 1 फरवरी को पेश होने वाला बजट वोट-ऑन-अकाउंट होगा। इसका मतलब है कि इस बजट में सरकार का फोकस अगले वित्त वर्ष के कुछ शुरुआती महीने के अपने खर्च का इंतजाम करना होगा। इसके लिए सरकार संसद में वोट-ऑन-अकाउंट पारित कराएगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार के अंतरिम बजट में इनकम टैक्स के नियमों में बदलाव करने की उम्मीद कम है। लेकिन, 2019 के अंतरिम बजट में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बड़े ऐलान किए थे। इसलिए सरकार टैक्सपेयर्स को कुछ राहत दे सकती है।

नई टैक्स रीजीम पर होगा फोकस

एक्सपर्ट्स का कहना है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को इनकम टैक्स की नई रीजीम को अट्रैक्टिव बनाने के लिए उपायों का ऐलान कर सकती हैं। अभी इनकम टैक्स की नई रीजीम में सेक्शन 80सी के फायदे नहीं मिलते हैं। सेक्शन 80डी का फायदा नहीं मिलता है। होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन का लाभ भी नहीं मिलता है। लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने पर डिडक्शन मिलता है। यह सेक्शन 80सी के तहत मिलता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार का फोकस ज्यादा लोगों को बेसिक इंश्योरेंस के तहत लाने पर है। इसमें लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी और हेल्थ पॉलिसी सबसे जरूरी है। कम से कम मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स को हेल्थ इंश्योरेंस और टर्म लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने पर डिडक्शन क्लेम करने की इजाजत होनी चाहिए। इसलिए वित्तमंत्री को इनकम टैक्स की नई रीजीम में कम से कम इन दो इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स पर डिडक्शन का ऐलान करना चाहिए।

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