वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने फाइनेंशियल ईयर 2024-25 का फुल बजट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बीते एक हफ्ते से वह इकोनॉमी के अलग-अलग सेक्टर के प्रतिनिधियों से बातचीत कर बजट के बारे में उनकी राय जानने की कोशिश कर रही हैं। यह केंद्र की नई एनडीए सरकार का पहला बजट होगा। इस साल 1 फरवरी को सरकार ने अंतरिम बजट पेश किया था। उसमें कोई बड़ा ऐलान शामिल नहीं था। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने दिसंबर 2023 में ही यह साफ कर दिया था कि अंतरिम बजट में बड़े ऐलान नहीं होंगे। बड़े ऐलान के लिए फुल बजट का इंतजार करना होगा, जो जुलाई में आएगा। इसलिए सीतारमण के इस बजट को लेकर काफी उम्मीदें हैं।
जुलाई में बजट पेश करने के साथ ही निर्मला सीतारमण का नाम रिकॉर्ड में दर्ज हो जाएगा। वह लगातार सात बार यूनियन बजट पेश करने वाली देश की पहली वित्तमंत्री बन जाएंगी। अभी सबसे ज्यादा छह बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड पूर्व प्रधामंत्री मोरारजी देसाई के नाम है। देसाई ने पांच बार फुल बजट पेश किया था और एक बार अंतरिम बजट पेश किया था। वह 1959 से 1964 के बीच देश के वित्तमंत्री थे।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण अपना सातवां बजट ऐसे वक्त पेश करने जा रही हैं, जब इकोनॉमी की सेहत अच्छी है। RBI ने FY25 में इकोनॉमी की ग्रोथ 7.2 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। FY24 में इकोनॉमी की ग्रोथ 8 फीसदी से ज्यादा रही है। इनफ्लेशन काबू में आ रहा है। स्टॉक मार्केट के प्रमुख सूचकांक रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं। घरेलू निवेशक लगातार म्यूचुअल फंडों के सिप के जरिए निवेश कर रहे हैं। इससे विदेशी फंडों की बिकवाली के बावजूद मार्केट में बड़ी गिरावट नहीं आई है।
अब तक यूनियन बजट 2024 के पेश होने की तारीख में कोई औपचारिक ऐलान सरकार की तरफ से नहीं किया गया है। लेकिन, माना जा रहा है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण जुलाई के तीसरे हफ्ते में इसे पेश कर सकती हैं। संसद का मानसून सत्र 22 जुलाई से शुरू होने की संभावना है। यह 9 अगस्त तक चलेगा। इस बीच, वित्तमंत्री बजट के बारे में एक्सपर्ट्स से चर्चा कर रही हैं। सीआईआई और पीएचडीसीसीआई जैसे प्रमुख उद्योग चैंबर्स ने वित्तमंत्री को इनकम टैक्स में राहत देने की मांग की है। माना जा रहा है कि वित्तमंत्री इस सलाल पर अमल कर सकती हैं।