Budget 2024: जानिए कब शुरू हुआ था रेल बजट और कब इसे खत्म कर दिया गया!

Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2024 को बजट पेश करेंगी। इस बार अंतरिम बजट पेश होगा। बजट को एनुअल फाइनेंशियल स्टेटमेंट (Annual Financial Statement) भी कहा जाता है। देश आजाद होने के बाद से अब तक कुल 75 वार्षिक बजट पेश किए जा चुके हैं। बजट पेश होने के पहले हम आपको कुछ रोचक तथ्यों के बारे में जानकारी दे रहे हैं

अपडेटेड Dec 13, 2023 पर 1:20 PM
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निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट पेश करने वाली है क्योंकि उसके बाद देशभर में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं।

Budget 2024: बजट वित्त वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च तक) की अवधि के दौरान सरकारी की प्राप्तियां और व्यय के अनुमानों की डिटेल रहती है। बजट के पहले उससे जुड़े टर्म्स की खूब चर्चा होती है। बजट में सरकार देश के हर नागरिक के लिए कुछ न कुछ देने की कोशिश करती है। बजट पूरे देश के लिए बेहद अहम दस्तावेज होता है। 1 फरवरी को भारत के वित्त मंत्री संसद में बजट पेश करते हैं। बजट के बारे में हर कोई जानने और समझने की कोशिश करता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस बार साल 2024 में अंतरिम बजट पेश किया जाएगा। यह बजट सरकार के लिए भी काफी महत्वपूर्ण हैं। दरअसल अगले साल लोकसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सरकार की कोशिश इस बार आम बजट से सभी वर्गों को खुश करने पर है। आज हम आपको बजट से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके बारे में आपको शायद ही पता होगा।

बजट से जुड़े रोचक तथ्य


ईस्ट इंडिया कंपनी के राजनेता और अर्थशास्त्री जेम्स विल्सन ने ब्रिटिश क्राउन को बजट का प्रस्ताव दिया था। 26 नवंबर, 1947 को वित्त मंत्री आरके शनमुखम चेट्टी ने हमारे देश का पहला बजट पेश किया था। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी केंद्रीय बजट पेश करने वाली पहली महिला थीं। केंद्रीय बजट देने वाली दूसरी महिला निर्मला सीतारमण हैं। मोरार जी देसाई ने वित्त मंत्री के तौर पर 10 बार बजट पेश कर चुके हैं। यह भारत के किसी भी वित्त मंत्री की ओर से सबसे ज्यादा बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड है। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी 7 बार बजट पेश कर चुके हैं। मुखर्जी देश के राष्ट्रपति भी बन चुके थे।

रेल बजट

साल 1924 से रेल बजट अलग से पेश किया जाता रहा है। इसके बाद साल 2017 में रेल बजट को आम बजट में शामिल कर लिया गया है। अरुण जेटली, जिन्होंने मोदी प्रशासन के वित्त मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं। साल 2017 में केंद्रीय बजट को रेल बजट के साथ जोड़ने का विचार सामने लाए। इसके बाद, बजट के विलय की जांच के लिए एक समिति बनाई गई। अरुण जेटली ने 2017 में ही पहला संयुक्त केंद्रीय बजट पेश किया था।

केंद्र में मोदी सरकार बजट के मामले कई अहम बदलाव किए हैं। पहले बजट फरवरी के आखिरी में पेश होता था। इसमें नई परंपरा शुरू की गई और इसे 1 फरवरी को पेश किया जाने लगा। साल 1955 तक केंद्रीय बजट सिर्फ अंग्रेजी में दिया जाता था। इसके बाद केंद्र सरकार ने बजट दस्तावेजों को हिंदी और अंग्रेजी दोनों में प्रिटिंग करने का निर्णय लिया।

बजट के बारे में अन्य अहम जानकारी

1 - साल 1973-1974 के बजट को "ब्लैक बजट" कहा गया है। इसे वित्त मंत्री यशवंतराव बी. चव्हाण ने पेश किया था। 550 करोड़ के बड़े बजट घाटे के कारण इसे "काला बजट" कहा गया था। उस समय यह सबसे ज्यादा था।

2 - वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने साल 1991-1992 में "द एपोचल बजट" के रूप में जाना जाने वाला एक केंद्रीय बजट पेश किया था। इसे अभी भी भारत को स्थायी रूप से बदलने के रूप में देखा जाता है। इस बजट ने देश के आर्थिक उदारीकरण की शुरुआत की थी।

3 - साल 1950 तक राष्ट्रपति भवन में बजट छपता था। इस वर्ष बजट उल्लंघन के कारण प्रिटिंग की जगह को बदल दिया गया। इसके बाद बजट की छपाई मिंटो रोड, नई दिल्ली में शुरू हुई थी।

4- बजट को पहले एक बजट ब्रीफकेस में रखा जाता था, लेकिन 2019 में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे एक बही खाते से बदल दिया। जिस पर राष्ट्रगान लिखा हुआ था।

5 - देश आजाद होने के बाद से अब तक कुल 75 सालाना बजट पेश किए जा चुके हैं। इसके अलावा 14 अंतरिम बजट, चार विशेष बजट या लघु बजट पेश किए जा चुके हैं। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री हैं। जिन्होंने बजट को पेश किया था।

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