Budget 2024 : लाइफ इंश्योरेंस इंडस्ट्री के लिए साल 2023 काफी अहम रहा। साल की शुरुआत में बजट पेश हुआ, जिसमें शामिल कुछ ऐलान से लाइफ इंश्योरेंस इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा। वित्तमंत्री Nirmala Sitharaman ने 5 लाख रुपये से ज्यादा सालाना प्रीमियम वाली ट्रेडिशनल पॉलिसी की मैच्योरिटी पर टैक्स-छूट खत्म करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि टैक्स के नए नियम 1 अप्रैल, 2023 और इसके बाद खरीदी जानी वाली पॉलिसी पर लागू होंगे। इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (IRDAI) ने पिछले साल कई रिफॉर्म्स के ऐलान किए। इनमें एक्सपेंसेज ऑफ मैनेजमेंट (EoM) और कमीशन पेमेंट के रूल शामिल थे। बीमा सुगम के प्लान पर काम शुरू हो गया। यह इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स की बिक्री के लिए पूरी इंडस्ट्री के लिए एक प्लेटफॉर्म होगा। इस प्लेटफॉर्म के जरिए पॉलिसी खरीदने और बेचने के साथ ही उनकी सर्विसिंग भी की जा सकेगी। यह इंश्योरेंस इंडस्ट्री के लिए वैसा ही होगा जैसा पेमेंट के लिए UPI है।
एन्युटी इनकम टैक्स-फ्री करने की जरूरत
मनीकंट्रोल ने यह जानने की कोशिश की है कि साल 2024 इंश्योरेंस इंडस्ट्री के लिए कैसा रहेगा। हमने यह भी जानने की कोशिश की कि यूनियन बजट 2024 में लाइफ इंडस्ट्री के लिए क्या हो सकता है। इसके लिए हमने एजियास फेडरल लाइफ इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ विग्नेशन शहाण से व्यापक बातचीत की। उन्होंने कहा कि यूनियन बजट 2024 में लाइफ इंश्योरेंस इंडस्ट्री के लिए बड़े ऐलान की उम्मीद नहीं है। हालांकि, इंडस्ट्री वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी पर टैक्स डिडक्शन के लिए एक अलग सेक्शन की मांग करती आ रही है। हमने एन्युटी इनकम को भी टैक्स-फ्री करने की मांग की है।
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टर्म इंश्योरेंस का प्रीमियम बढने की उम्मीद नहीं
जहां तक साल 2024 की बात है तो टर्म इंश्योरेंस के प्रीमियम में किसी तरह की वृद्धि की उम्मीद नहीं है। IRDAI कई तरह के रिफॉर्म्स पर काम कर रही है। उसने सभी को 2047 तक इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स के दायरे में लाने का लक्ष्य तय किया है। अगर सरकार लाइफ इंश्योरेंस पर अलग से डिडक्शन के लिए कदम उठाती है और हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रीमियम पर टैक्स छूट के लिए तय सीमा बढ़ाई जाती है तो इससे इंश्योरेंस में लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी। पिछले कुछ सालों में हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम काफी बढ़ा है। लेकिन, टैक्स छूट के लिए प्रीमियम की लिमिट नहीं बढ़ाई गई है।
इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स की कम पहुंच
विकसित देशों के मुकाबले इंडिया में इंश्योरेंस प्रोडक्स की पहुंच कम लोगों तक है। कई लोग इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स खासकर लाइफ इंश्योरेंस को निवेश का जरिया मानते हैं। वे सुरक्षा के इसके महत्व को नहीं समझते हैं। इसके लिए लाइफ इंश्योरेंस इंडस्ट्री जागरूकता अभियान शुरू कर सकती है। 'सही है' नाम से म्यूचुअल फंड के लिए शुरू जागरूकता अभियान के अच्छे नतीजें मिले हैं।