Budget 2024 : यूनियन बजट 2023 इनकम टैक्स के ऐलान के लिहाज से खास था। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के कई ऐलान इनकम टैक्सपेयर्स को राहत देने वाले थे। इसलिए टैक्सपेयर्स को 1 फरवरी को आने वाले यूनियन बजट से काफी ज्यादा उम्मीदें हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह अंतरिम बजट होगा, जिससे इनकम टैक्स के मोर्चे पर बड़े ऐलान की उम्मीद नहीं है। फिर भी, वित्तमंत्री टैक्सपेयर्स को कुछ राहत दे सकती हैं। अप्रैल-मई में लोकसभा चुनावों के बाद केंद्र में नई सरकार बनेगी। वह वित्त वर्ष 2024-25 का पूर्ण बजट (Union Budget 2024) पेश करेगी। इसमें इनकम टैक्स के मोर्चे पर सरकार बड़े ऐलान कर सकती है। आइए जानते हैं यूनियन बजट 2023 में Nirmala Sitharaman ने इनकम टैक्स से जुड़े कौन-कौन से बड़े ऐलान किए थे।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी, 2023 को कहा था कि इनकम टैक्स की नई रीजीम में स्लैब्स की संख्या छह से घटाकर पांच कर दी गई है। उन्होंने नई टैक्स रीजीम में बेसिक टैक्स एग्जेम्प्शन की लिमिट 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी थी। इसका मकसद नई टैक्स रीजीम को अट्रैक्टिव बनाना था। सरकार ने 2020 में इनकम टैक्स की नई रीजीम शुरू की थी। लेकिन, इसमें टैक्सपेयर्स ने ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई है। सरकार इसे अट्रैक्टिव बनाने के लिए कुछ बदलाव कर रही है।
2. नई रीजीम डिफॉल्ट टैक्स रीजीम होगी
वित्तमंत्री ने कहा था कि इनकम टैक्स की नई रीजीम अब डिफॉल्ट टैक्स रीजीम होगी। इसका मतलब यह है कि अगर टैक्सपेयर इनकम टैक्स की पुरानी रीजीम का इस्तेमाल करना चाहता है तो उसे यह बताना होगा। अगर टैक्सपेयर इस बारे में पहले से नहीं बताता है तो यह मान लिया जाएगा कि वह इनकम टैक्स की नई रीजीम का इस्तेमाल करेगा। इससे पहले इनकम टैक्स की पुरानी रीजीम डिफॉल्ट रीजीम होती थी।
3. रिबेट के लिए इनकम लिमिट बढ़ाई गई
निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी, 2023 को कहा था कि नई टैक्स रीजीम में सालाना 7 लाख रुपये तक की इनकम वाले टैक्सपेयर्स को कोई टैक्स नहीं चुकाना होगा। इसके लिए उन्हें रिबेट की सीमा सालाना 5 लाख रुपये इनकम से बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दी थी। इनकम टैक्स की पुरानी रीजीम में यह रिबेट नहीं बढ़ाया गया। पुरानी रीजीम में अब भी सिर्फ 5 लाख रुपये सालाना इनकम वाले लोगों को ही यह रिबेट मिलता है।
4. नई टैक्स रीजीम में भी स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा
वित्तमंत्री ने इनकम टैक्स की नई रीजीम का अट्रैक्शन बढ़ाने का लिए एक बड़ा ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा अब नई टैक्स रीजीम में भी मिलेगा। उसके बाद सालाना 50,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिक्शन का फायदा नई और पुरानी दोनों रीजीम में मिलने लगा है। यह फायदा सिर्फ नौकरी करने वाले लोगों और पेंशनर्स को मिलता है।
5. लीव इनकैशमेंट की टैक्स एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ी
वित्तमंत्री ने गैर-सरकारी एंप्लॉयीज के रिटायरमेंट पर लीव इनकैशमेंट पर टैक्स एग्जेम्प्शन की लिमिट 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी थी।साल 2002 में 3 लाख रुपये की टैक्स एग्जेम्प्शन लिमिट तय की गई थी। तब प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी।