Budget 2024: आम लोगों के लिए आम निवेश के ऑप्शन में से बैंक सेविंग अकाउंट या पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट में रखा पैसा सेविंग की तरह होता है। इन सेविंग अकाउंट में रखे पैसे पर मिलने वाले ब्याज पर एक फाइनेंशियल ईयर में 10,000 रुपये की छूट मिलती है। यानी, 10,000 रुपये तक की सेविंग अकाउंट की इंटरेस्ट इनकम पर टैक्स नहीं लगता है। क्या सरकार इस लिमिट को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये करेगी? केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2024 को छठी बार बजट (Union Budget 2024) पेश करेंगी। निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट पेश करने वाली है क्योंकि उसके बाद देशभर में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सरकार सरकार आम लोगों को राहत देगी?
इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 80TTA के अनुसार यदि किसी व्यक्ति (60 वर्ष से कम उम्र) या हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) को बैंकों, कारोबार करने वाली सहकारी समितियों में रखे गए सेविंग अकाउंट से ब्याज इनकम होती है बैंकिंग या पोस्ट ऑफिस की कुल आय से 10,000 रुपये तक की कटौती का दावा किया जा सकता है। यहां ये बताना जरूरी है ताकि किसी तरह का कन्फ्यूजन न हो कि टैक्सपेयर्स FD, रेकरिंग डिपॉजिट, पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट जमा आदि पर मिलने वाले ब्याज ब्याज के लिए इस कटौती का फायदा नहीं उठा सकते हैं। 60 साल से अधिक सीनियर सिटीजन के लिए सेक्शन 80TTB के तहत 50,000 रुपये तक की अलग कटौती, जो सेविंग अकाउंट, एफडी और अन्य इंटरेस्ट इनकम पर लागू होती है।
2012 से सेविंग अकाउंट इंटरेस्ट पर अलग से शुरू की गई कटौती
सरकार ने स्मॉल सेविंग को बढ़ावा देने के लिए बजट 2012 में धारा 80TTA के तहत कटौती शुरू की गई थी। हालांकि, तब से कटौती की लिमिट स्थिर बनी हुई है। सरकार इस कटौती को मौजूदा 10,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर सकती है। सरकार को इस पर विचार करना चाहिए क्योंकि इसमें लंबे समय से करने पर विचार कर सकती है क्योंकि इसमें लंबे समय से कोई बदलाव नहीं हुआ है।
अभी सेविंग अकाउंट पर मिलता है इतना ब्याज
अभी एक सेविंग बैंक अकाउंट में सालाना 3-4% का ब्याज मिलता है। एफडी पर 7 फीसदी सते 8.60 फीसदी का ब्याज मिल रहा है। हालांकि, कुछ बैंक सेविंग अकाउंट पर 7 या 6.5 फीसदी का ब्याज ऑफर करते हैं लेकिन उसके लिए अकाउंट में एक लिमिट से अधिक पैसा होना चाहिए।