निवेशकों की नजर इस पर रहेगी कि अंतरिम बजट के दिन एलएंडटी और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी दिग्गज कंपनियां किस तरह आगे बढ़ती हैं। हम देखेंगे कि किन घोषणाओं का इन शेयरों पर असर पड़ सकता है। आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अंतरिम बजट 2024 पेश करेंगी। सभी की निगाहें इस पर होंगी कि क्या निफ्टी 50 इंडेक्स 22,000 अंक की ओर बढ़ता दिखेगा। निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि एलएंडटी और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी दिग्गज कंपनियां किस तरह आगे बढ़ती हैं। हम देखेंगे कि किन घोषणाओं का इन शेयरों पर असर पड़ सकता है।
एलएंडटी (वर्तमान भाव : 3,481 रुपए) : अगर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2015 के लिए एक और बड़े पूंजीगत व्यय की घोषणा करती हैं तो भारत की इस सबसे बड़ी इंजीनियरिंग, कंपनी को फायदा होगा। कंपनी तेजी से विदेशी ऑर्डर हासिल कर रही है। खासकर मध्य पूर्व से काफी ऑर्डर मिल रहे हैं। जबकि घरेलू ऑर्डर में मंदी देखी गई है। दिसंबर तिमाही में एलएंडटी का घरेलू ऑर्डर सालाना आधार पर 44 फीसदी कम रहा है।
आईटीसी (वर्तमान भाव : 441.75 रुपये) : सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर उत्पाद शुल्क या एनसीसीडी शुल्क में कोई भी बढ़ोतरी आईटीसी के लिए नकारात्मक होगी, क्योंकि इसकी अधिकांश कमाई सिगरेट से होती है। दूसरी ओर बजट से डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल डेवलपमेंट, रोजगार सृजन और एमएसएमई विकास में निवेश की उम्मीद है जो ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोग खर्च बढ़ाने में मदद करेगा। यह आईटीसी के एफएमसीजी वर्टिकल के लिए सकारात्मक होगा। कंपनी वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में मांग में मंदी का सामना कर रही है।
एनटीपीसी (वर्तमान भाव: 318 रुपये) : सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी एथॉरिटी के मुताबिक भारत की अधिकतम बिजली मांग 2025-26 में 260 गीगावॉट के आंकड़े को पार कर जाएगी और 2026-27 तक 277 गीगावॉट तक पहुंच जाएगी। इस मांग को पूरा करने के लिए अधिक क्षमता जोड़ी जाएगी। एनटीपीसी को इस कवायद से सबसे ज्यादा फायदा होगा। एनटीपीसी भारत की सबसे बड़ी एंटीग्रेटेड पावर यूटिलिटी कंपनी है, जो वर्तमान में देश की बिजली आवश्यकता पूरा करने में 25 प्रतिशत योगदान करती है। इसके अलावा, स्टेट डिस्कॉम के परिचालन सुधार के लिए प्रोत्साहन और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की घोषणाएं भी स्टॉक के लिए अच्छी होंगी।
अल्ट्राटेक सीमेंट (वर्तमान भाव : 10,145 रुपये) : भारत की सीमेंट मांग में आवास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत से अधिक है। इसलिए, इन सेक्टर को बजट में मिलने वाला कोई भी बढ़ावा सीमेंट शेयरों के लिए भी अच्छा होगा। एक्सिस सिक्योरिटीज का कहना है कि इसके अलावा नेशनल इंफ्रा प्लान के तहत, सरकार की भारत के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने की योजना है, जिससे राजमार्ग परियोजनाओं में तेजी आएगी। इससे सीमेंट की मांग बढ़ने की उम्मीद है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज (वर्तमान भाव : 2,850 रुपये) : निफ्टी 50 पर दूसरा सबसे बड़ा वेटेज रखने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज को कई बजट घोषणाओं से लाभ होगा। विशेष रूप से हरित ऊर्जा, बैटरी और सौर पीएलआई योजनाओं से संबंधित एलानों से कंपनी के फायदा होगा। बर्नस्टीन के अनुसार, रिलायंस 2030 तक सौर से हाइड्रोजन तक फैले अपने नए ऊर्जा व्यवसाय से लगभग 10-15 बिलियन डॉलर कमा सकता है। पिछले एक महीने में लगभग 10 प्रतिशत की बढ़त के साथ, स्टॉक इंडेक्श के सपोर्ट कर रहा है। निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि क्या बजट के दिन स्टॉक 2900 रुपये को पार कर सकता है और उस स्तर को बनाए रख सकता है।
एचयूएल (वर्तमान भाव : 2,475 रुपये) और मारुति सुजुकी (वर्तमान भाव : 10,161 रुपये) : यदि वित्त मंत्री आयकर स्लैब में किसी बदलाव की घोषणा करते हैंतो उपभोग-संबंधित शेयरों को फायदा होगा। इसके चलते उपभोक्ताओं के हाथों में अधिक डिस्पोजेबल आय होगी। मारुति सुजुकी को ऑटो पीएलआई और फेम (फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स) योजनाओं से संबंधित पाॉजिटिव घोषणाओं से भी लाभ होगा। इस बीच, अगर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सपोर्ट देने के लिए बड़ी घोषणाएं की जाती हैं, तो एचयूएल में भी तेजी आ सकती है।
एचडीएफसी बैंक (वर्तमान भाव : 1,462 रुपये) : हालांकि बैंकिंग क्षेत्र के लिए किसी बड़ी घोषणा की उम्मीद नहीं है, लेकिन एचडीएफसी बैंक अपने वेटेज के कारण रडार पर रहेगा। दिसंबर के अंत तक, स्टॉक का सूचकांक पर 13.52 प्रतिशत वेटेज था। यह स्टॉक भी फोकस में रहेगा क्योंकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2015 के लिए राजकोषीय घाटे के लक्ष्य की घोषणा करेंगी। बाजार को उम्मीद है कि अगले वित्तीय वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 5.3 प्रतिशत रहेगा। इसके अलावा, स्टॉक को आवास और एमएसएमई प्रोत्साहन से भी फायदा हो सकता है।
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