Budget 2024 : इनकम टैक्स की नई रीजीम में एनपीएस में निवेश पर टैक्स छूट मिल सकती है। अभी इनकम टैक्स की पुरानी रीजीम में यह छूट मिलती है। सरकार इस बारे में विचार कर रही है। इसका ऐलान यूनियन बजट 2024 (Union Budget 2024) में हो सकता है। सीएनबीसी आवाज ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। वित्तमंत्री Nirmala Sitharaman 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश करेंगी। यह अंतरिम बजट होगा। पूर्ण बजट लोकसभा चुनावों के बाद जो नई सरकार बनेगी वह जुलाई में पेश करेगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि आम तौर पर सरकार अंतरिम बजट में बड़े ऐलान नहीं करती है। लेकिन, लोकसभा चुनावों को देखते हुए इनकम टैक्स में कुछ राहत देने के ऐलान बजट में हो सकते हैं।
अभी सिर्फ पुरानी रीजीम में मिलता है टैक्स बेनेफिट
अभी एनपीएस में निवेश पर सेक्शन 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये का टैक्स बेनेफिट मिलता है। अतिरिक्त 50,000 रुपये का टैक्स बेनेफिट सेक्शन 80CCC(1B) के तहत मिलता है। सूत्रों का कहना है कि यह टैक्स बेनेफिट इनकम की नई रीजीम में भी देने का ऐलान हो सकता है। सरकार का फोकस इनकम टैक्स की नई रीजीम पर है। सरकार चाहती है कि ज्यादा टैक्सपेयर्स इसका इस्तेमाल करें। लेकिन, इसमें टैक्स डिडक्शन और एग्जेम्प्शंस नहीं मिलते हैं। इसलिए इसमें टैक्सपेयर्स ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं।
एनपीएस का कार्पस 11 लाख करोड़ रुपये
PFRDA के चेयरमैन एंव मैनेजिंग डायरेक्टर दीपक मोहंती ने कहा है कि NPS का प्रदर्शन शानदार रहा है। 2023 में इसका रिटर्न 24 फीसदी रहा है, जबकि शुरुआत से अब तक इसने 13.3 फीसदी रिटर्न दिया है। अभी एनपीएस का कॉर्पस 11 लाख करोड़ रुपये है। इसके करीब 90 लाख सब्क्राइबर्स गवर्नमेंट सेक्टर के हैं। 50 लाख सब्सक्राइबर्स प्राइवेट सेक्टर्स के हैं। मोहंती का मानना है कि एनपीएस के बारे में जागरूकता बढ़ाए जाने की जरूरत है।
कंट्रिब्यूशन की लिमिट बढ़ाने की भी जरूरत
एक्सपर्ट्स का कहना है कि एनपीएस में कंट्रिब्यूशन की लिमिट बढ़ाने की भी जरूरत है। अभी NPS में कंट्रिब्यूशन के मामले में प्राइवेट एंप्लॉयीज के लिए 10 फीसदी की लिमिट तय है। 10 फीसदी का यह कंट्रिब्यूशन बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता पर आधारित होता है। इसे बढ़ाकर 12 फीसदी करने की जरूरत है। सरकारी एंप्लॉयीज के मामले में यह लिमिट 14 फीसदी है। EPF में 12 फीसदी कंट्रिब्यूशन अनिवार्य है।