प्राइवेट इक्विटी फर्मों को निर्मला सीतारमण के बजट से कई उम्मीदें हैं। प्राइवेट इक्विटी फर्म गाजा कैपिटल के को-फाउंडर गोपाल जैन ने कहा कि किसी देश में प्राइवेट इक्विटी इंडस्ट्री की ग्रोथ में घरेलू निवेशकों का बड़ा हात होता है। स्टॉक मार्केट में भारतीय बैंकों, म्यूचुअल फंड कंपनियों और इंश्योरेंस फर्मों की हिस्सेदारी बढ़ी है। लेकिन प्राइवेट इक्विटी के क्षेत्र में अब भी दबदबा विदेशी फर्मों का है। इसकी वजह यह है कि घरेलू कैपिटल सीधे तौर पर घरेलू सेविंग्स से नहीं जुड़ा है। इस बारे में सरकार को सुझाव दिया गया है। इसके लिए रिफॉरम्स की जरूरत है।
