India Budget 2024: रियल एस्टेट सेक्टर ने होम लोन पर टैक्स बेनेफिट बढ़ाने की मांग की, कहा-इससे हाउसिंग सेक्टर को लग सकते हैं पंख

Budget 2024 expectations: रियल एस्टेट कंपनियों के एग्जिक्यूटिव्स का कहना है कि होम लोन के इंटरेस्ट और प्रिंसिपल पर डिडक्शन बढ़ाने का ऐलान यूनियन बजट में हो सकता है। ऐसा होने पर घरों की मांग बढ़ सकती हैं

अपडेटेड Jul 15, 2024 पर 2:29 PM
Budget 2024 Announcements: अभी एक वित्त वर्ष में होम लोन के इंटरेस्ट पर मैक्सिमस 2 लाख रुपये के डिडक्शन की इजाजत है। रियल एस्टेट कंपनियां इसे 5 लाख रुपये तक करने की मांग कर रही हैं।

रियल एस्टेट सेक्टर को यूनियन बजट से कई उम्मीदें हैं। रियल एस्टेट कंपनियों का मानना है कि बजट में रियल एस्टेट को इंडस्ट्री का दर्जा मिल सकता है। सरकार सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम शुरू कर सकती है। साथ ही जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट के नियमों में संशोधन का ऐलान बजट में हो सकता है। रियल एस्टेट कंपनियों का कहना है कि सरकार होम लोन के इंटरेस्ट पर टैक्स बेनेफिट भी बढ़ाना चाहिए। अभी एक वित्त वर्ष में होम लोन के इंटरेस्ट पर मैक्सिमस 2 लाख रुपये के डिडक्शन की इजाजत है। रियल एस्टेट कंपनियां इसे 5 लाख रुपये तक करने की मांग कर रही हैं।

होम लोन के इंटरेस्ट और प्रिंसिपल दोनों पर डिडक्शन बढ़ाने की जरूरत

रियल एस्टेट कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली NARDECO जैसी संस्थाओं का कहना है कि सरकार को स्पेशल विंडों फॉर एफोर्डेबल एंड मिड-इनकम हाउसिंग (SWAMIH) फंड की दूसरी किस्त लॉन्च करनी चाहिए। Krisumi Corporation के मैनेजिंग डायरेक्टर मोहित जैन ने कहा कि इस महीने पेश होने वाले बजट में सरकार को सैलरीड क्लास के लिए बड़ा ऐलान करना चाहिए। उन्होंने होम लोन के प्रिसिंपल और इंटरेस्ट दोनों पर टैक्स बेनेफिट बढ़ाने की मांग की।


होम लोन इंटरेस्ट पर डिडक्शन 5 लाख करने की सलाह

जैन ने कहा कि पिछले दो साल में प्रॉपर्टी की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं। ऐसे में सरकार को होम लोन के इंटरेस्ट पर मिलने वाले 2 लाख रुपये के डिडक्शन को बढ़ाकर कम से कम 5 लाख रुपये करना चाहिए। इससे देश में घरों की मांग बढ़ेगी। सरकार होम लोन के प्रिंसिपल पर इनकम टैक्स डिडक्शन के लिए एक अलग सेक्शन का ऐलान कर सकती है। अभी होम लोन के प्रिंसिपल पर सालाना 1.5 लाख रुपये का डिडक्शन इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत मिलता है।

अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपरीट पर जीएसटी घटाने की भी मांग

Sterling Developers के चेयरमैन एंव एमडी रमानी शास्त्री ने कहा कि होम लोन लेने वालों के साथ ही निवेशकों के लिए टैक्स बेनेफिट बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "सरकार को होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करना चाहिए। साथ ही अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टीज पर जीएसटी में भी कमी करना चाहिए। रॉ मैटेरियल पर होने खर्च के एडजस्टमेंट के भी उपाय करने की जरूरत है।"

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इंडस्ट्री का दर्जा मिलने से इस सेक्टर में बढ़ेगा निवेश

Signature Global (India) के फाउंडर और चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर को इस बजट से काफी उम्मीदें हैं। अगर रियल एस्टेट सेक्टर को इंडस्ट्री का दर्जा मिल जाता है तो इस सेक्टर में निवेश बढ़ेगा। साथ ही आसान सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम शुरू करने से प्रोजेक्ट के एप्रूव में लगने वाला समय घटेगा। इससे प्रोजेक्ट्स पर होने वाला कुल खर्च भी नहीं बढ़ेगा। जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट नियमों में बदलाव करने से प्रॉपर्टी की कीमतों में कमी आएगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।

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