Budget for Renewable Energy Sector : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अंतरिम बजट में एक बार फिर सरकार का रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस दिखा। इसके चलते आज पावर और एनर्जी शेयरों में तेजी देखी गई। सीतारमण ने अपने भाषण में कहा कि 2070 तक 'नेट-जीरो' का लक्ष्य पूरा करने के लिए कई उपाय किए जाएंगे। इसमें ऑफशोर विंड एनर्जी के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग और एक करोड़ परिवारों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली पाने में मदद करने के लिए सौर पैनल स्थापित करना शामिल है। इन घोषणाओं के बीच पावर और एनर्जी शेयरों में रैली आई है।
Budget 2024 के बीच इन पावर स्टॉक्स में रैली
बजट की घोषणाओं के बीच NTPC के शेयरों में तेजी देखी गई। यह स्टॉक 1.32 फीसदी की बढ़त के साथ 321.75 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। इसके अलावा, NHPC के शेयरों में 0.45 फीसदी की तेजी आई और यह 91.40 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। आज के कारोबारी सत्र में सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में 5 फीसदी का अपर सर्किट लगा है। इसके साथ ही, बोरोसिल रिन्यूएबल्स, वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीज, स्टर्लिंग विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी जैसे शेयरों में भी आज 2 फीसदी से अधिक की तेजी आई है। हालांकि, प्राइवेट कंपनी की बात करें तो टाटा पावर के शेयरों में 0.21 फीसदी और JSW Energy में 2.52 फीसदी की गिरावट आई।
पिछले बजट में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के लिए 10,222 करोड़ रुपये अलग रखे गए थे, जो सालाना 45 फीसदी की वृद्धि थी। बिजली मंत्रालय को 20,671 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जो एक साल पहले की तुलना में 58 फीसदी अधिक था।
Budget 2024 में किया गया है ये ऐलान
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर पर घोषणा करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना के तहत 1 करोड़ घरों की छतों में सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इससे घरों को 300 यूनिट फ्री बिजली मिलेगी। जिस समय देश में फ्री बिजली की योजनाओं के कारण देश के कई राज्यों के बिजली बोर्ड दिवालिया होने की कगार पर आ गए हैं, उस समय यह फ्री योजना एक नया मॉडल पेश करता है।
Budget 2024 पर एक्सपर्ट्स की राय
प्री-बजट रिपोर्ट में एक्सिस सिक्योरिटीज ने रिन्यूएबल एनर्जी पर सरकार के बढ़ते फोकस का उल्लेख किया था। ब्रोकरेज के एनालिस्ट्स ने कहा था कि वे रिन्यूएबल एनर्जी के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर, ग्रीन इनिशिएटिव के लिए इंसेंटिव और सौर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम की घोषणाओं पर उत्सुकता से नजर रख रहे हैं। नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के एनालिस्ट्स का अनुमान है कि सरकार एनर्जी सिक्योरिटी के लिए स्वदेशी एनर्जी स्टोरेज टेक्नोलॉजी और रिन्यूएबल पावर सप्लाई पर फोकस कर सकती है।
हालांकि, IIFL सिक्योरिटीज के विश्लेषकों की राय अलग है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय के अधिकारियों की हालिया टिप्पणी से पता चलता है कि सरकार बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कोयला आधारित क्षमता बढ़ाने की मंशा रखती है। देश की बिजली मांग तेजी से बढ़ने की उम्मीद है, जो 2023 में 240 गीगावॉट से बढ़कर 2030 तक 335 गीगावॉट हो जाएगी।
बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने हाल ही में मनीकंट्रोल को बताया कि बिजली क्षेत्र ने पिछले दशक में एक लंबा सफर तय किया है और भारत को बिजली की कमी से पावर सरप्लस देश में बदल दिया है।