Budget 2024 : यूनियन बजट (Union Budget 2024) पेश होने में एक महीने से कम वक्त रह गया है। इंडस्ट्री और इकोनॉमी के दूसरे सेक्टर्स की तरह स्टॉक मार्केट्स को भी वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharamn) के छठे बजट से कई उम्मीदें हैं। साल 2023 स्टॉक मार्केट्स के लिए शानदार रहा है। अगर यूनियन बजट में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण स्टॉक मार्केट्स की उम्मीदें पूरी करती हैं तो स्टॉक मार्केट को सपोर्ट मिलेगा। इससे साल 2024 भी स्टॉक मार्केट्स के लिए अच्छा रह सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि चूंकि यह बजट अंतरिम बजट होगा, इसलिए इसमें बड़े ऐलान की संभावना कम है। अगर वित्तमंत्री अंतरिम बजट में मार्केट की उम्मीदें पूरी नहीं करती हैं तो फिर जुलाई में आने वाले पूर्ण बजट में मार्केट की उम्मीदें पूरी की जा सकती हैं।
एनालिस्ट्स का कहना है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स को पूरी तरह से खत्म करने का ऐलान करना चाहिए। अगर वित्तमंत्री इस टैक्स को खत्म नहीं कर सकतीं तौ उन्हें कैश मार्केट के लिए एसटीटी में कमी करनी चाहिए। स्टॉक मार्केट्स पिछले कई साल से यह ऐलान करता आ रहा है। STT की शुरुआत 2004 में हुई थी। कई तरह की सिक्योरिटी से जुड़े ट्रांजेक्शन पर यह टैक्स लगता है। सरकार ने FY24 में इस टेक्स के जरिए 27,625 करोड़ रुपये हासिल किए हैं।
LTCG टैक्स में राहत की उम्मीद
एनालिस्ट्स का कहना है कि सरकार को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस (LTCG) टैक्स में राहत देनी चाहिए। अगर सरकार एलटीसीजी टैक्स में राहत देती है तो इससे स्टॉक मार्केट्स में निवेश करने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी। हालांकि, यह मांग पिछले कई सालों से की जा रही हैं। लेकिन, सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया है। लेकिन, एक्सपर्ट्स का कहना है कि जीएसटी कलेक्शन में अच्छी ग्रोथ को देखते हुए सरकार LTCG टैक्स के मामले में राहत दे सकती है।
क्रिप्टोकरेंसी पर व्यापक नियमों की जरूरत
क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स के नियमों के बारे में ज्यादा प्रोग्रेस नहीं दिखा है। सरकार ने सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) की शुरुआत की है। लेकिन मार्केट को क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स के व्यापक नियमों का इंतजार है। वित्तमंत्री ने 2022 के बजट में क्रिप्टो से हुए मुनाफे को टैक्स के दायरे में लाने का ऐलान किया था। लेकिन, उसके बाद से सरकार की तरफ से इस बारे में कोई बड़ा ऐलान नहीं किया गया है।
डिविडेंड पर डबल टैक्सेशन से नुकसान
मार्केट से जुड़े एक्सपर्ट्स और एनालिस्ट्स का कहना है कि सरकार डिडिवेंड पर टैक्स के नियमों में बदलाव करने की जरूरत है। अभी डिविडेंड का पेमेंट शेयरहोल्डर्स को करना पड़ता है। चूंकि डिविडेंड का भुगतान कंपनी अपने प्रॉफिट पर टैक्स का भुगतान करने के बाद करती है, जिससे इस पर दोबारा टैक्स लगाने की जरूरत नहीं है। इससे डिविडेंड पर दो बार टैक्स लग जाता है। सरकार को इस कमी को दूर करने के लिए नियम में बदलाव करना चाहिए।
ईवी इंडस्ट्री को प्रोत्साहन
स्टॉक मार्केट के एनालिस्ट्स का मानना है कि सरकार को इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा देने के लिए यूनियन बजट में बड़े ऐलान करने चाहिए। इससे ऑटो कंपनियों को प्रोत्साहन मिलेगा। ऑटो कंपनियां पिछले कुछ सालों से ईवी पर बड़ा निवेश कर रही हैं। अगर सरकार ईवी की बिक्री बढ़ाने के लिए बड़ा ऐलान करती है तो इससे ईवी इंडस्ट्री को बड़ी मदद मिलेगी। इससे ऑटो कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की भी दिलचस्पी बढ़ेगी।