Union Budget 2024 : यूनियन बजट से ठीक पहले हर साल फाइनेंस मिनिस्ट्री इकोनॉमी से जुड़ा एक अहम डॉक्युमेंट पेश करती है, जिसे इकोनॉमिक सर्वे (Economic Survey) कहा जाता है। यह डॉक्युमेंट इसलिए अहम है क्योंकि इसमें खत्म हो रहे वित्त वर्ष में इकोनॉमी की सेहत के बारे में विस्तार से बताया जाता है। इसमें इकोनॉमी की बड़ी चुनौतियों के समाधान के बारे में भी बताया जाता है। फाइनेंस मिनिस्ट्री के डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स (DEA) का इकोनॉमिक डिवीजन इकोनॉमिक सर्वे को तैयार करता है। इसे चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर (CEA) की निगरानी में तैयार किया जाता है। पहली बार इसे 1950-51 के बजट के साथ पेश किया गया था। 1964 तक इसे यूनियन बजट के साथ पेश किया गया। उसके बाद से इसे अलग से पेश किया जाने लगा।
इकोनॉमिक की तस्वीर बताने वाला अहम डॉक्युमेंट
इकोनॉमिक सर्वे एक तरह से पेश होने वाले यूनियन बजट के लिए पृष्ठभूमि तैयार करने का काम करता है। इसमें ग्रोथ के अनुमान के अनुमान के साथ ही यह भी बताया जाता है कि इकोनॉमी की तेज या सुस्त ग्रोथ की वजह क्या होगी। एक बात ध्यान में रखने वाली यह है कि इकोनॉमिक सर्वे में जताए गए अनुमान और सलाह बाध्यकारी नहीं होती है। 1964 में यूनियन बजट से अलग होने के बाद इसे वित्तमंत्री संसद में पेश करता है। वित्त वर्ष 2010-11 और वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान इसे दो वॉल्यूम में पेश किया गया।
इन जानकारियों का सबसे बड़ा स्रोत
इंडिया की इकोनॉमी को समझने के लिए यह बहुत अहम डॉक्युमेंट है। इसकी वजह यह है कि इसमें इकोनॉमी से जुड़ी बारीकियों को विस्तार से बताया जाता है। इसमें मनी सप्लाई, एग्रीकल्चर, इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन, इंफ्रास्ट्रक्चर, प्राइसेज, एंप्लॉयमेंट, एक्सपोर्ट्स, इंपोर्ट्स, फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व से जुड़े अहम डेटा और ट्रेंड की जानकारी होती है। अलग-अलग सेक्टर से जुड़े आंकड़े यह बताते हैं कि हमारी इकोनॉमी किस दिशा में जा रही है। भविष्य में उसकी तस्वीर कैसी होगी।
सीईए की निगरानी में तैयार होता है इकोनॉमिक सर्वे
चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर (CEA) का रैंक सेक्रेटरी के बराबर होता है। सीईओ का काम आर्थिक मसलों पर सरकार को सलाह देना है। इकोनॉमिक सर्वे तैयार कराने की जिम्मेदारी भी सीईओ की होती है। चूंकि इसमें हर सेक्टर की बारीक जानकारी होती है, जिससे इसे तैयार करने का काम पेश होने की तारीख से काफी पहले शुरू हो जाता है। इस बार यूनियन बजट से एक दिन पहले फाइनेंस मिनिस्ट्री एक संक्षिप्त डॉक्युमेंट पेश कर सकती है। यह डॉक्युमेंट इकोनॉमिक सर्वे की तरह होगा। एक सीनियर अधिकारी ने कुछ दिन पहले सीएनबीसी-टीवी18 को यह बताया था।
इस बार इकोनॉमिक सर्वे की जगह संक्षिप्त डॉक्युमेंट आएगा
इस बार व्यापक इकोनॉमिक सर्वे पेश नहीं होगा। इस बार जो संक्षिप्त डॉक्युमेंट पेश होगा उसमें जीडीपी ग्रोथ, नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ टारगेट, ऑयल प्राइसेज की जानकारी होगी। लेकिन, इसमें इकोनॉमी के बारे में विस्तार से चर्चा नहीं होगी।