Budget 2024 : बजट से पहले क्यों मनाई जाती है हलवा सेरेमनी, क्या है इस परंपरा की खासियत

Budget 2024 : देश में कुछ भी बड़ा काम करने से पहले मुंह मीठा करने का रिवाज रहा है। इसी को देखते हुए देश में हलवा सेरेमनी की शुरुआती हुई। इसे नॉर्थ ब्लॉक में अन्य मंत्रालयों के सभी सहयोगियों और अधिकारियों को परोसा गया। समारोह के बाद आमतौर पर बजट डॉक्यूमेंट को प्रिंट कराया जाता है

अपडेटेड Jan 07, 2024 पर 6:38 PM
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2024 को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बजट पेश करने वाली हैं।

Budget 2024 : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2024 को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बजट पेश करने वाली हैं। हर साल केंद्रीय बजट से पहले हलवा सेरेमनी का आयोजन किया जाता है। हालांकि, कोरोना के समय इसे टाल दिया गया था। परंपरा के तहत इस साल भी बजट से पहले हलवा सेरेमनी होने की उम्मीद है। बता दें कि बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का 6ठा और मोदी सरकार का, पहले और दूसरे कार्यकाल को मिलाकर 12वां बजट होगा।

क्या है हलवा सेरेमनी के मायने

देश में कुछ भी बड़ा काम करने से पहले मुंह मीठा करने का रिवाज रहा है। इसी को देखते हुए देश में हलवा सेरेमनी की शुरुआती हुई। इसे नॉर्थ ब्लॉक में अन्य मंत्रालयों के सभी सहयोगियों और अधिकारियों को परोसा गया। समारोह के बाद आमतौर पर बजट डॉक्यूमेंट को प्रिंट कराया जाता है।


साल 2021 में बदलाव तब हुआ जब कोविड-19 महामारी बजट के कारण बजट पेपरलेस हो गया। हलवा सेरेमनी के बाद बजट तैयार करने में शामिल सभी वित्त मंत्रालय के अधिकारियों को बजट पेश होने तक नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में जाना होता है। नीति आयोग और अन्य संबंधित मंत्रालयों के परामर्श से तैयार किए गए अगले वित्तीय वर्ष के बजट में कोई लीकेज न हो, यह देखने के लिए ऐसा किया जाता है।

हलवा सेरेमनी के दौरान वित्त मंत्री पारंपरिक कढ़ाई में हलवे को हिलाते हैं और इसे सहकर्मियों के साथ साझा करते हैं, जो बजट संकलन प्रक्रिया की शुरुआत का प्रतीक है। 1 फरवरी, 2024 को वित्त मंत्री के बजट भाषण के बाद बजट डॉक्यूमेंट एंड्रॉयड और ऐप्पल ओएस दोनों प्लेटफार्मों पर "यूनियन बजट मोबाइल ऐप" के माध्यम से उपलब्ध होंगे। पिछले तीन केंद्रीय बजट पेपरलेस रहे हैं।

चुनाव के चलते पेश होगा अंतरिम बजट

2024 में आम चुनाव होने के चलते 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश किया जाने वाला है। यह एक अस्थायी बजट होता है, जिसमें चुनाव के बाद नई सरकार के सत्ता संभालने तक के महीनों के लिए आय और व्यय का खाका होता है। नई सरकार बनने के बाद पूर्ण बजट पेश किया जाता है। इस साल अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनावों के बाद नई सरकार जुलाई माह में पूर्ण बजट पेश करेगी।

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