हर साल बजट पेश होने से पहले कैपिटल गेंस टैक्स के नियमों में बदलाव की मांग होती है। एक्सपर्ट्स कैपिटल गेंस टैक्स के नियमों में बदलाव की लंबे समय से मांग कर रहे हैं। इसकी वजह यह है कि इंडिया में अलग-अलग एसेट्स पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स के रेट-रेट अलग है। इसके अलावा एसेट्स के होल्डिंग पीरियड में भी अंतर है। इसके बावजूद सरकार ने कैपिटल गेंस टैक्स के नियमों में बदलाव नहीं किया है। सवाल है कि क्या इस बार वित्तमंत्री लंबे समय से चली आ रही इस मांग को पूरा करेंगी?
