Union Budget 2024 : अगले हफ्ते पेश होने वाले बजट से निवेशकों को निराशा नहीं मिलेगी। सीएनबीसी आवाज को सूत्रों के हवाले से मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक सोशल वेलफेयर पर खर्च बढ़ने के बावजूद फिस्कल डेफिसिट के मोर्चे पर सरकार कोई समझौता नहीं करेगी। पूरी खबर बताते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के लक्ष्मण रॉय ने कहा कि इस बार के बजट में निवेशकों को निराशा नहीं मिलेगी इसका मतलब ये हुआ कि सरकार बजट में वित्तीय अनुशासन बरकार रखेगी। वित्तीय घाटे के मोर्चे पर कोई समझौता नहीं होगा।
बजट में वित्तीय घाटा घटाकर 5 फीसदी करने की उम्मीद
सूत्रों के मुताबिक बजट में वित्तीय घाटा घटाकर 5 फीसदी करने की उम्मीद है। चालू कारोबारी साल के लिए इसको 5.1% पर रखने का लक्ष्य है। वित्तीय घाटा घटाने से सरकार को 64,000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त जरूरत होगी। बजट पर RBI से मिले 2.1 लाख करोड़ रुपए के बंपर डिविडेंड का असर दिखेगा। गौर तलब है कि डायरेक्ट टैक्स वसूली में भी 23.24 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इससे भी सरकार को सपोर्ट मिलेगा। अप्रैल-मई में GST वसूली में भी 11.3 फीसदी की बढ़त हुई है। इससे भी सरकार को वित्तीय अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलेगी। सूत्रों के मुताबिक 23 जुलाई को आने वाले बजट में सब्सिडी पर खर्च में ज्यादा बढ़ोतरी का अनुमान नहीं है।
बजट से पहले भरा सरकार का खजाना
बजट से पहले सरकार का खजाना भरा हुआ है। इस साल डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में जोरदार बढ़त हुई है। नेट कलेक्शन सालाना आधार पर 19.54 फीसदी बढ़कर 5.74 लाख करोड़ रुपए पर रहा है। वहीं, रिफंड सालाना आधार पर 64.49 फीसदी बढ़कर 70,902 करोड़ रुपए पर रहा है। जबति ग्रॉस कलेक्शन सालाना आधार पर 23.24 फीसदी बढ़कर 6.45 लाख करोड़ रुपए और STT कलेक्शन 128 फीसदी बढ़कर 16,634 करोड़ रुपए रहा है। इनकम टैक्स के साथ STT कलेक्शन भी 25.31 फीसदी बढ़ा है।