Budget 2024 : बजट आने में अब चंद दिन ही बचे हैं। ऐसे में ब्रोकरेज हाउसेस की बजट wishlist भी सामने आने लगी हैं। इस बजट से क्या चाहती है जैफरीज यह बताते हुए सीएनबीसी-आवाज के यतिन मोता ने बताया कि ग्लोबल ब्रोकरेज जैफरीज का मानना है कि लोकलुभावन बजट निराशाजनक होगा। महाराष्ट्र, बिहार और झारखंड में जल्दी ही होने वाले चुनावों ने बाजार की चिंताएं और बढ़ा दी हैं। आरबीआई की तरफ से मिले 2 लाख करोड़ रुपए कि डिविडेंड और उच्च कर संग्रह ने सरकार को 0.5% की राजकोषीय घाटे की गुंजाइश दे दी है।
जेफरीज का कहना है कि कर संग्रह में बढ़त से सरकार को आयकर में कटौती की गुंजाइश मिली है। मध्यम वर्ग के लिए आयकर में कटौती से उपभोक्ता क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। इससे खपत वाले शेयरों को सपोर्ट मिल सकता है। अगर आयकर में कटौती होती है तो ज़ोमैटो, नाइका, ट्रेंट, आरआईएल, क्रॉम्पटन और हैवेल्स जैसे शेयरों के लिए सकारात्मक असर होगा।
सरकार शहरी आवास के लिए ब्याज सब्सिडी योजन फिर कर सकती है शुरू
जैफरीज का कहना है कि सरकार शहरी आवास के लिए ब्याज सब्सिडी (सीएलएसएस) योजना को वापस ला सकती है। किफायती आवास को लिए कर्ज देने वाली एनबीएफसी कंपनियों जैसे आवास फाइनेंसर्स, होम फर्स्ट और चुनिंदा डेवलपर्स जैसे लोढ़ा( माइक्रोटेक) और सनटेक रियल्टी के लिए वित्त मंत्री का ये फैसला सकारात्मक होगा।
सरकार की कल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों से नजदीकी से जुड़ी कंपनियों जैसे टीवीएस, हीरो, एमएंडएम और एचयूएल के लिए भावनात्मक रूप से सकारात्मक हो सकती हैं। जेफरीज का यह भी कहना है कि उसे कैपिटल गेन टैक्स व्यवस्था में किसी बदलाव की उम्मीद नहीं है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।