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Budget2020: MSME Sector को मिल सकता है 10,000 करोड़ रुपये का Fund of Funds

MSME पैनल पर सेबी के पूर्व चेयरमैन ने इसका सुझाव दिया था

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 17, 2020 पर 12:51 PM
Budget2020: MSME Sector को मिल सकता है 10,000 करोड़ रुपये का Fund of Funds

1 फरवरी के पेश होने वाले बजट में Micro small and medium enterprises (MSME) सेक्टर के लिए Fund of Funds (FoF) का गिफ्ट मिल सकता है। यह इस सेक्टर को फंड मुहैया कराएगा।

इकोनॉमिक टाइम्स ने सरकारी अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि यह फंड पूर्व सेबी चेयरमैन यू के सिन्हा की अगुवाई वाली कमेटी के सुझाव पर आधारित होगा। कमेटी ने जून 2019 में इस सेक्टर की मदद करने के लिए एक सरकारी फंड बनाने का सुझाव दिया था।

कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि एक सरकारी फंड Fund of Funds (FoF) बनाया जाएगा। जिसमें 10,000 करोड़ रुपये का फंड होगा। इसके जरिए वेंचर कैपिटल (VC)/ प्राइवेट इक्विटी(PE) फर्मो की मदद की जाएगी। इससे इन फर्मों को क्राउड फंडिंग के लिए बढ़ावा मिलेगा। साथ ही टर्म-शीट (term-sheet) और प्रोडक्ट स्ट्रक्चर (Product Structure) को बेहतर करने में मदद मिलेगी।

सरकार MSME की इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम (Interest subvention scheme) का विस्तार किया जा सकता है। इस स्कीम की घोषणा पीएम मोदी ने लोकसभा चुनाव के पहले नवंबर 2018 में की थी। सरकारी अधिकारी ने कहा कि हम इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम को जारी रखेंगे। GST रजिस्टर्ड MSME सेक्टर की कंपनियों को साल 2018-19 और 2019-20 के दौरान नए या इंक्रीमेंटल लोन (incremental loan) के इंट्रेस्ट पर 2 फीसदी की छूट दी जानी थी। इस स्कीम का मकसद है कि मैन्युफैक्चरों और सर्विस इंटरप्राजेज की क्षमता को बढ़ाना और MSME के रजिस्ट्रेशन को बढ़ावा देना है।

MSME मिनिस्ट्री ने फाइनेंशियल ईयर 2020-21 में इस सेक्टर के लिए 12,000 करोड़ रुपये के बजट की मांग की है। जो कि करेंट फिस्कल ईयर में मिले बजट से 70 फीसदी अधिक है। MSME मिनिस्ट्री को फाइनेंशियर 2019-20 में 7,011 करोड़ रुपये मिले थे। जो कि अब तक का हाईएस्ट फंड है। मिनिस्ट्री करेंट फिस्कल ईयर में इसका 78 फीसदी इस्तेमाल किया है।

एक अधिकारी ने कहा कि इस बार हमने 12,000 करोड़ रुपये की मांग की है। हम इसमें ग्रामीण (Rural), गाँव में आर्थिक गतिविधियां (economic activity in rural), बैंकवर्ड और आदिवासी एरिया में निवेश बढ़ाने के लिए फोकस कर रहे हैं। 

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि MSME मिनिस्ट्री कृषि, ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में अधिक से अधिक जॉब पैदा करना चाहते हैं।

MSMEs का देश की GDP 29 फीसदी योगदान है, और मिनिस्ट्री अगले पांच में इसे 50 फीसदी पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है।

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