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Economic Survey 2023 : म्यूचुअल फंड में घटा निवेशकों का रूझान, अप्रैल-नवंबर के दौरान इनफ्लो में 72% की गिरावट

पिछले वित्त वर्ष की तुलना में वित्तीय वर्ष 2023 की अप्रैल-नवंबर अवधि के दौरान म्यूचुअल फंड्स में सिर्फ 70,000 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो हुआ है। इसके पहले, वित्तीय वर्ष 2022 की अप्रैल-नवंबर अवधि के दौरान भारतीय म्यूचुअल फंड्स ने 2.5 लाख करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो देखा था

Edited By: Shubham Thakurअपडेटेड Jan 31, 2023 पर 4:23 PM
Economic Survey 2023 : म्यूचुअल फंड में घटा निवेशकों का रूझान, अप्रैल-नवंबर के दौरान इनफ्लो में 72% की गिरावट
अप्रैल-नवंबर की अवधि के दौरान म्यूचुअल फंड्स में नेट इनफ्लो में सालाना आधार पर 72 फीसदी की गिरावट आई है।

Economic Survey 2023 : अप्रैल-नवंबर की अवधि के दौरान म्यूचुअल फंड्स में नेट इनफ्लो में सालाना आधार पर 72 फीसदी की गिरावट आई है। आज यानी 31 जनवरी को संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2023 से यह जानकारी मिली है। पिछले वित्त वर्ष की तुलना में वित्तीय वर्ष 2023 की अप्रैल-नवंबर अवधि के दौरान म्यूचुअल फंड्स में सिर्फ 70,000 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो हुआ है। इसके पहले, वित्तीय वर्ष 2022 की अप्रैल-नवंबर अवधि के दौरान भारतीय म्यूचुअल फंड्स ने 2.5 लाख करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो देखा था। इस दौरान, ग्रॉस इनप्लो 58.6 लाख करोड़ रुपये रहा जबकि रिडेम्प्शन 56.1 लाख करोड़ रुपये रहा।

हालांकि, चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों के दौरान रिडेम्प्शन बढ़कर 68.4 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक इस दौरान 69.1 लाख करोड़ रुपये का ग्रॉस इनफ्लो था। पूरे वित्तीय वर्ष 2022 के दौरान, म्यूचुअल फंड्स में 2.5 लाख करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो हुआ और इस दौरान 90.7 लाख करोड़ रुपये का रिडेम्प्शन देखा गया।

रूझान घटने की क्या है वजह

साल 2022 यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध के चलते प्रभावित रहा। इसके साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी भी की गई। इन वजहों से ग्लोबल स्टॉक मार्केट में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इसमें कहा गया है कि इस दौरान भारत में म्यूचुअल फंड्स में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के ज़रिए निवेश जारी रहा। दस्तावेज़ में आगे कहा गया है कि इस वर्ष अप्रैल-नवंबर की अवधि के दौरान ग्रोथ या इक्विटी-ओरिएंटेड स्कीम और सॉल्यूशन-ओरिएंटेड स्कीम वाली कुछ योजनाओं में पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक रूझान देखा गया। दूसरी ओर, इनकम या डेट-ओरिएंटेड स्कीम और हाइब्रिड स्कीम में पिछले वर्ष की समान अवधि में प्रवाह की तुलना में आउटफ्लो देखा गया है।

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