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FM निर्मला सीतरमण ने चेताया, 'दुनिया को मंदी में ढकेल सकता है विभिन्न देशों का बढ़ता कर्ज संकट, न करें नजरअंदाज'

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को वैश्विक स्तर पर कर्ज से जुड़ी असुरक्षा की स्थिति का जिक्र करते कहा कि विभिन्न देशों में बढ़ते कर्ज संकट को अगर नजरअंदाज किया जाता रहा तो, यह ग्लोबल लेवल पर मंदी की एक वजह बन सकता है। साथ ही यह लाखों की संख्या में लोगों को गरीबी रेखा के नीचे भेज सकता है

Curated By: Vikrant singhअपडेटेड Jan 12, 2023 पर 3:32 PM
FM निर्मला सीतरमण ने चेताया, 'दुनिया को मंदी में ढकेल सकता है विभिन्न देशों का बढ़ता कर्ज संकट, न करें नजरअंदाज'
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को 'वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट' को संबोधित किया

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने गुरुवार 12 जनवरी को 'वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट (Voice of Global South Summit)' नाम से आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्रियों के सत्र की अध्यक्षता की। इस दौरान निर्मला सीतरमण ने कहा कि विभिन्न देशों में बढ़ते कर्ज संकट को अगर नजरअंदाज किया जाता रहा तो, यह ग्लोबल लेवल पर मंदी की एक वजह बन सकता है। उन्होंने कहा, "अगर इन समस्याओं को बिना हल किए ही छोड़ दिया गया, तो यह बढ़ता कर्ज संकट पूरी दुनिया में मंदी ला सकता है और लाखों की संख्या में लोगों को गरीबी रेखा के नीचे भेज सकता है।"

वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कर्ज से जुड़ी असुरक्षा की स्थिति बढ़ रही है और यह एक व्यवस्थागत ग्लोबल कर्ज संकट का खतरा पैदा कर रही है। यह उन देशों में साफ तौर से देखा जा सकता है जो आज बाहरी कर्ज को चुकाने और भोजन व फ्यूल जैसी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के बीच में फंसी हुई हैं। ऐसे में विकास के सामाजिक आयाम और बढ़ते वित्तीय अंतर के विषय पर ध्यान देने की जरूरत है जिसका सामना कई देश कर रहे हैं।

सीतारमण ने कहा, "हमें ऐसे सिस्टम की संभावना तलाशनी चाहिए, जिससे मल्टीलेटर डेवलपमेंट बैंकों (MDB) की ओर से दिया जाने वाला समर्थन उस देश की जरूरतों के अनुरूप हो और टिकाऊ हो।"

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