देश में पहली बार ऐसा होगा जब एक महिला चौथी बार यूनियन बजट (Union Budget) पेश करेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। उन्होंने इससे पहले पेश बजटों में कई बड़े फैसले लिए हैं। उन्होंने रिफॉर्म्स के उपायों पर भी जोर दिया है। उनसे महिला उद्यमियों को काफी उम्मीदें हैं। वित्तमंत्री महिला उद्यमियों को राहत देने वाले उपायों का ऐलान कर सकती हैं।
पिछले दो साल से छोटे और मध्यम आकार के बिजनेसेज (MSME) मुश्किल का सामना कर रहे हैं। कोरोना की महामारी ने उद्योग और कारोबार को बहुत नुकसान पहुंचाया है। हालांकि, अब हालात पटरी पर लौट रहे हैं। सरकार ने छोटे और मध्यम उद्यमों को राहत के लिए कई कदम उठाए हैं। इस बार बजट में वित्त मंत्री को महिला उद्यमियों के लिए बड़े ऐलान करने चाहिए। उन्हें महिला उद्यमियों को बिजनेस के लिए कम दरों पर कर्ज मुहैया कराने के कदम उठाने चाहिए। इससे महिलाएं अपना उद्यम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित होंगी।
वित्त मंत्री को उन महिला उद्यमियों को टैक्स में छूट का ऐलान करना चाहिए, जिनने वर्कफोर्स में महिला कर्मचारियों की संख्या 50 फीसदी से ज्यादा है। दरअसल, कोरोना की मार रोजगार के मौकों पर भी पड़ी है। बड़ी संख्या में लोग शहरों से गांव पलायन करने को मजबूर हुए हैं। अब ऐसे लोगों को अपने गांव के आसपास ही रोजगार के मौके उपलब्ध कराने पर सरकार का जोर होना चाहिए। अगर वित्त मंत्री महिला उद्यमियों को कंपनी रजिस्ट्रेशन, लोन और टैक्स में खास रियायत का ऐलान करती हैं तो इससे ज्यादा महिलाएं अपना काम शुरू करने के लिए आगे आएंगी। इससे रोजगार के मौके बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सरकार को महिला उद्यमियों को लोन रीस्ट्रक्चरिंग में भी मदद करनी चाहिए। कोरोना के चलते समय पर कर्ज चुकाने में उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। ऐसे में उन्हें लोन चुकाने के लिए ज्यादा मोहलत मिलनी चाहिए। समय पर लोन की अदायगी नहीं होने से उद्यमी की क्रेटिंग रेटिंग खराब हो जाती है, जिससे उन्हें बैंकों से आगे लोन लेने में दिक्कत आती है। इस बार बजट में वित्त मंत्री महिला उद्यमियों के लिए ऐसी योजना का ऐलान कर सकती हैं।