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Union Budget 2023: बॉन्ड्स में रिटेल इनवेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ाने के लिए उपायों का ऐलान कर सकती हैं वित्त मंत्री

union budget 2023: बॉन्ड मार्केट को बढ़ावा देने से कंपनियों को पैसे जुटाने के लिए एक विकल्प मिल जाएगा। इससे कर्ज के लिए बैंकों पर कंपनियों की निर्भरता घटेगी। साथ ही रिटेल इनवेस्टर्स को भी निवेश के लिए बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट का अच्छा विकल्प मिलेगा

Rakesh Ranjanअपडेटेड Dec 27, 2022 पर 5:10 PM
Union Budget 2023: बॉन्ड्स में रिटेल इनवेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ाने के लिए उपायों का ऐलान कर सकती हैं वित्त मंत्री
सरकार बॉन्ड्स में लिक्विडिटी बढ़ाने के भी उपाय कर सकती है। अभी बॉन्ड्स में लिक्विडिटी कम होने से रिटेल इनवेस्टर्स इसमें निवेश करने में दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं।

Union Budget 2023: सरकार पिछले कई सालों से बॉन्ड बाजार (Debt Market) को डेवलप करने की कोशिश कर रही है। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने पिछले बजट में बॉन्ड बाजार के लिए बड़े ऐलान किए थे। उन्होंने सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड्स (Sovereign green bonds) लॉन्च करने का ऐलान किया था। उम्मीद है कि मार्च से पहले सरकार इसे लॉन्च कर देगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकारी और कंपनियों के बॉन्ड्स में रिटेल इनवेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए। इससे उन्हें फिक्स्ड रिटर्न एसेट का एक भरोसेमंद विकल्प मिलेगा।

इनवेस्टर्स के लिए एफडी का अच्छा विकल्प बन सकता है बॉन्ड

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को कंपनियों को भी बॉन्ड्स के जरिए मार्केट से पैसे जुटाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। इससे इंडस्ट्री को कर्ज के लिए एक अच्छा ऑप्शन उपलब्ध होगा। कर्ज के लिए बैंकों पर उनकी निर्भरता में भी कमी आएगी। अभी कंपनियां बॉन्ड्स के जरिए मार्केट से पैसे जुटाती हैं, लेकिन इनमें रिटले इनवेस्टर्स ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं। उन्हें कंपनियों के बॉन्ड में पैसे लगाने के मुकाबले बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम में पैसा रखना आसान लगता है।

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