Budget 2023: फिनटेक कंपनियों ने की बजट में अधिक आवंटन, टैक्स नियमों में सुधार और बैंकों के साथ साझेदारी की मांग

Budget 2023 expectations: फिनटेक कंपनियों को उम्मीद है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी 1 फरवरी को आम बजट पेश करते हुए उनके लिए टैक्स नियमों में रियायत का ऐलान कर सकती है। साथ ही वह फिनेटक कंपनियों और बैंकों के बीच साझेदारी को मजबूत बनाने के लिए भी कुछ उपायों का ऐलान करेंगी

अपडेटेड Jan 21, 2023 पर 4:28 PM
Union Budget 2023: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी 1 फरवरी को आम बजट पेश करेंगी

फिनटेक कंपनियों (Fintech firms) को उम्मीद है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी 1 फरवरी को आम बजट (Union Budget 2023) पेश करते हुए उनके लिए टैक्स नियमों में रियायत का ऐलान कर सकती है। साथ ही वह फिनेटक कंपनियों और बैंकों के बीच साझेदारी को मजबूत बनाने के लिए भी कुछ उपायों का ऐलान करेंगी। मनीकंट्रोल ने इंडस्ट्री के जिन एक्सपर्ट्स के बात की, उन्होंने भी फिनटेक संस्थाओं में सरकार की तरफ से अधिक पैसा डाले जाने की जरूरत पर जोर दिया, जिससे प्रतिद्वंदियों से मुकाबले के लिए एक समान मैदान तैयार हो सके।

अतिरिक्त आवंटन

ग्लोबल फाइनेंशियल कंपनी EY की रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में फिनटेक कंपनियों का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 2030 तक बढ़कर 1 लाख करोड़ डॉलर का हो जाएगा। वहीं उनका रेवेन्यू 200 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

रिपोर्ट में कहा गया था कि फिनटक सेक्टर में साल 2021 में खूब फंडिंग आई थी। लेकिन साल 2022 में इसमें गिरावट देखी गई। रिपोर्ट में कहा गया, "फडिंग घटने के पीछे कई कारण रहे। इसमें यूक्रेन संघर्ष, महंगाई दर में उछाल, ब्याज दरों में बढ़ोतरी, अधिकतर प्रमुख फिनटेक कंपनियों के शेयरों का खराब प्रदर्शन आदि कारण शामिल रहे, जिसने निवेशकों के भरोसे को कम किया।"


फिनटेक सेक्टर के लोगों का कहना है कि ग्रोथ की मौजूदा रफ्तार को बनाए रखने और इसे तेज करने के लिए सेक्टर को अधिक बजटीय सहायता की जरूरत है। फिनटेक फर्म भारतपे (Bhartpe) के सीईओ और सीएफओ नलिन नेगी ने बताया, "फिनटेक सेक्टर ने पिछले कुछ सालों में काफी तेज ग्रोथ और विस्तार देखा है। खासकर नए जमाने की टेक्नोलॉजी पर कारोबार करने करने वाली कंपनियों ने। यूनियन बजट 2023 में अधिक आवंटन से डिजिटिल पेमेंट इकोसिस्टम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने से फिनटेक इंडस्ट्री को काफी मजबूती मिलेगी।"

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टैक्स नियमों में सुधार

भारत के ग्रामीण इलाकों में वित्तीय समावेश को बढ़ाने में माइक्रो-फाइनेंस संस्थानों (MFI) के अलावा फिनटेक कंपनियों ने भी अहम भूमिका निभाई है। वे अब इस वित्तीय समावेश को और बढ़ाने के लिए फिनेटक इंडस्ट्री के लिए टैक्स नियमों में कुछ सुधार चाहते हैं।

लोन देने वाली फिनटेक फर्म स्पाइस मनी (Spice Money) के फाउंडर दिलीप मोदी ने बताया, "डिजिटल पेमेंट सेक्टर ने कोरोना महामारी के दौरान यह साबित किया कि यह टिकाऊ ग्रोथ वाला सेगमेंट है। महामारी के दौरान कई ऑनलाइन सेवाओं के लिए टैक्स नियमों को उदार बनाए जाने का डिजिटल पेमेंट पर सकारात्मक असर देखने को मिला था।"

उन्होंने कहा, "ऑनलाइन सेवाओं से दूर या कम डिजिटल-प्रेमी नागरिकों तक भी यह लाभ पहुंचे, इसके लिए सरकार देश के सभी बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (बीसी) आउटलेट्स पर सेवाओं के बदले लगने वाले गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) और टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (TDS) को माफ करने का ऐलान कर सकती है। इससे वित्तीय समावेश को बढ़ावा मिलेगा।"

साल 2022 के आखिरी महीने और 2023 के शुरुआती कुछ दिनों में फंडिंग गतिविधियां बढ़ी हैं। ऐसे में इंडस्ट्री के एग्जिक्यूटिव्स का कहना है कि अगर बजट में सरकार कुछ टैक्स सुधारों का ऐलान करती है तो इससे फिनटेक फर्मों को अपने कारोबार के विस्तार से जुड़ी योजनाओं पर बने रहने में मदद मिलेगी।

नेगी ने कहा कि अगर टैक्स सुधारों का ऐलान किया जाता है, तो इससे प्रमुख फिनटेक फर्म फंडिंग और इनोवेशन सहित अन्य चीजों पर अपना फोकस कर सकेंगे।

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बैंकों के साथ साझेदारी

फिनटेक कंपनियों की ग्रोथ में बैंकों के साथ साझेदारी एक अहम भूमिका निभाती है क्योंकि इसके जरिए उन्हें एक बड़े मार्केट तक पहुंच मिलती है। इसके बदले में बैंकों को फिनटेक कंपनियों की नई तकनीकों और सेवाओं का एक्सेस मिलता है।

ये साझेदारी बैंकों और फिनटेक दोनों की मदद करती है। क्रिसिल मार्केट इंटेलिजेंस एंड एनालिटिक्स के रिसर्च डायरेक्टर अनिकेत दानी ने कहा, 'बैंक और फिनटेक पार्टनरशिप एक-दूसरे की ताकत का लाभ उठाते हैं और ग्राहकों को वित्तीय सेवाओं का अधिक व्यापक रेंज मुहैया कराते हैं। यह बैंकिंग सेवाओं को डिजिटल और यूजर्स की जरूरत के मुताबिक बनाने में मदद करता है।

फिनटेक फर्म किनारा कैपिटल के सीईओ और फाउंडर हार्दिक शाह ने कहा, "सबसे निचले पायदान पर मौजूद लोगों को फोकस करने वाले फिनटेक फर्मों के साथ साझेदारी करके बैंक, प्रायॉरिटी सेक्टर लेंडिंग को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। यह तभी सभी संभव है, जब बैंक रेटिंग मानदंडों को हटाएं। ये रेटिंग मानदंड सिर्फ बड़ी फिनटेक कंपनियों का लाभ देते हैं। छोटे और सबसे निचले पायदान पर मौजूद लोगों को फोकस करने वाले फिनटेक फर्मों के साथ साझेदारी ही प्रायॉरिटी सेक्टर लेंडिंग को बढ़ावा देने का सही तरीका है। इसमें लेंडर्स और बॉरोअर्स दोनों को फायदा है।"

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