Union Budget 2023: सरकार बजट में ज्यादा कर्ज लेने का ऐलान कर सकती है, जानिए क्या है वजह

Union Budget 2023: सरकार के लिए 1 फरवरी, 2023 को पेश होने वाला बजट काफी अहम है। यह अगले लोकसभा चुनावों से ठीक पहले के फाइनेशियल ईयर का बजट है। ऐसे में सरकार इस बजट में पब्लिक सर्विसेज पर फोकस बढ़ाने का ऐलान कर सकती है। इसके लिए उसे कर्ज से ज्यादा पैसे जुटाने होंगे

अपडेटेड Dec 06, 2022 पर 10:40 AM
आम तौर पर लोकसभा चुनावों से पहले आने वाले पूर्ण बजट में सरकार कर्ज से ज्यादा पैसे जुटाने का ऐलान करती है।

Union Budget 2023: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट (Budget 2023) में सरकार के ज्यादा कर्ज लेने का ऐलान कर सकती हैं। इसकी वजह यह है कि सरकार 2024 के लोकसभा चुनावों (Loksabha Elections) से पहले इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) पर खर्च बढ़ाना चाहती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि 1 फरवरी, 2023 को पेश होने वाला बजट काफी अहम है। यह अगले लोकसभा चुनावों से ठीक पहले के फाइनेशियल ईयर का बजट है। रिसर्जेंट इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्ट ज्योति प्रकाश गाडिया ने कहा कि सरकार लोकसभा चुनावों से पहले डेवलपमेंट से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर फोकस बढ़ाएगी। हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि बजट में सरकार का डेट प्रोग्राम इस वित्त वर्ष जैसा ही रहेगा।

क्या है एक्सपर्ट्स की राय?

जेएम फाइनेंशियल के हेड ऑफ इनवेस्टमेंट अजय मंगलुनिया ने कहा कि अगले बजट में बॉरोइंग इस फाइनेंशियल ईयर के करीब 15 लाख करोड़ के बराबर रहने की उम्मीद है। कुछ दूसरे एक्सपर्ट्स का भी कहना है कि अगले बजट में सरकार के डेट प्रोग्राम में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है। इसकी वजह यह है कि टैक्स कलेक्शन बहुत अच्छा रहने से सरकार का रेवेन्यू शानदार रहेगा। सरकार रिफॉर्म्स पर फोकस कर रही है, जिससे इकोनॉमी में आर्गेनाइज्ड सेक्टर की हिस्सेदारी बढ़ रही है। सरकार कैपिटल एक्सपेंडिचर पर भी फोकस कर रही है, इससे भी रेवेन्यू में इजाफा होगा।


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सरकार के डेट प्रोग्राम का पड़ता है व्यापक असर

सरकार बजट में अगले फाइनेंशियल ईयर में कर्ज से कितनी रकम जुटाने का ऐलान करती है, यह काफी अहम होगा। इसकी वजह यह है कि इसका सरकार के कुल खर्च पर बहुत असर पड़ता है। अगर सरकार ज्यादा कर्ज लेती है तो इसका मतलब यह है कि वह पब्लिक सर्विसेज पर अपना खर्च बढ़ा सकती है। आम तौर पर सरकार हर फाइनेंशियल ईयर में सरकारी सिक्योरिटीज (जैसे बॉन्ड्स) और ट्रेजरी बिल्स के जरिए कर्ज लेती है। इसका ऐलान बजट में फाइनेंशियल ईयर शुरू होने से पहले हो जाता है।

चुनावों से पहले सरकार ज्यादा कर्ज लेती है

जानकारों का कहना है कि आम तौर पर लोकसभा चुनावों से पहले आने वाले पूर्ण बजट में सरकार कर्ज से ज्यादा पैसे जुटाने का ऐलान करती है। इसकी वजह यह है कि चुनाव से पहले इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास से जुड़ी दूसरी गतिविधियों पर ज्यादा पैसे खर्च करती है। उसकी नजरें चुनाव पर होती हैं। इससे चुनावी अभियान में उसे अपनी उपलब्धियां लोगों को बताने में मदद मिलती है।

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