Union Budget 2023: फूड और फर्टिलाइजर सब्सिडी में 26% कमी कर सकती है सरकार

Union Budget 2023: सरकार ने कोरोना की महामारी शुरू होने के बाद लोगों को राहत देने के लिए फूड और फर्टिलाइजर सब्सिडी बढ़ाई थी। अब कोरोना की महामारी का असर बहुत कम हो गया है। इसलिए सरकार अपना फोकस फिस्कल कंसॉलिडेशन पर बढ़ाना चाहती है। इसके लिए वह फूड और फर्टिलाइजर सब्सिडी में कमी कर सकती है

अपडेटेड Jan 05, 2023 पर 5:27 PM
माना जा रहा है कि कोरोना की महामारी का असर कम हो जाने के बाद सरकार पर अपनी वित्तीय स्थिति ठीक करने का दबाव है। सरकार अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए फिस्कल डेफिसिट का अपना टारगेट घटा सकती है।

Union Budget 2023: सरकार अगले फाइनेंशियल ईयर (2023-24) में फूड और फर्टिलाइजर सब्सिडी में बड़ी कमी कर सकती है। सरकार पर फिस्कल डेफिसिट (Fiscal Deficit) को घटाने का दबाव है। इस फाइनेंशियल ईयर के लिए सरकार ने फिस्कल डेफिसिट का 6.4 फीसदी का टारगेट तय किया था। अनुमान है कि अगले फाइनेंशियल ईयर में सरकार फिस्कल डेफिसिट का टारगेट और घटा सकती है। कोरोना की महामारी के दौरान सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए फूड और फर्टिलाइजर सब्सिडी बढ़ाई थी। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट (Union Budget) पेश करेंगी। माना जा रहा है कि वह बजट में सब्सिडी में कमी का ऐलान कर सकती हैं।

सरकार के बजट प्लान में फूड-फर्टिलाइजर सब्सिडी की बड़ी हिस्सेदारी

दो सरकारी अधिकारियों ने बताया कि सरकार फूड और फर्टिलाइजर सब्सिडी में अगले वित्त वर्ष में 26 फीसदी कमी कर सकती है। इंडिया ने इस फाइनेंशियल ईयर के लिए कुल 39.45 लाख करोड़ रुपये का बजट प्लान पेश किया था। इसमें फूड और फर्टिलाइजर सब्सिडी की हिस्सेदारी करीब 5 लाख करोड़ रुपये है। फूड और फर्टिलाइजर सब्सिडी में कमी 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले सरकार का साहसिक फैसला होगा। आम तौर पर चुनावों से पहले के सालों में सरकार इस तरह के फैसले नहीं लेती है।


बजट की खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

कोरोना की महामारी के चलते बढ़ाई गई थी सब्सिडी

सूत्रों के मुताबिक, अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए सरकार फूड सब्सिडी के लिए 2.3 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान कर सकती है। इस फाइनेंशियल ईयर में यह 2.7 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। सरकार अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए फर्टिलाइजर सब्सिडी के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान कर सकती है। इस फाइनेंशियल ईयर में इसके लिए 2.3 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

सरकार ने शुरू की थी मुफ्त खाद्यान्न स्कीम

इस बारे में फाइनेंस मिनिस्ट्री ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि सरकार अगर कोरोना की महामारी के दौरान आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए फूड की मुफ्त स्कीम बंद कर देती है तो इससे काफी पैसे बचेंगे। सरकार पहले से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को रियायती कीमत पर खाद्यान्न उपलब्ध कराती है। लेकिन, कोरोना की महामारी के दौरान सरकार ने मुफ्त फूड की स्कीम शुरू की थी।

यह भी पढ़ें : बजट 2023: कॉमर्स मिनिस्ट्री ने निर्मला सीतारमण को गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाने की सलाह दी

सरकार पर अपनी वित्तीय स्थिति ठीक करने का दबाव

माना जा रहा है कि कोरोना की महामारी का असर कम हो जाने के बाद सरकार पर अपनी वित्तीय स्थिति ठीक करने का दबाव है। सरकार अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए फिस्कल डेफिसिट का अपना टारगेट घटा सकती है। बताया जाता है कि सरकार अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए फिस्कल डेफिसिट के टारगेट को कम से कम आधा फीसदी तक घटा सकती है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।