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Union Budget 2023: सरकार बजट में प्राथमिकता वाले इन तीन क्षेत्रों पर फोकस कर सकती है

Union Budget 2023: सरकार ऐसे वक्त यूनियन बजट पेश करने जा रही है, जब लोकसभा चुनाव करीब डेढ़ साल बाद होने वाले हैं। ऐसे में सरकार अगर अपनी वित्तीय स्थिति ठीक करने पर फोकस करती है तो इससे अच्छा संकेत जाएगा। सरकार बजट में पब्लिक इनवेस्टमेंट बढ़ाने पर भी जोर दे सकती है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jan 09, 2023 पर 2:26 PM
Union Budget 2023: सरकार बजट में प्राथमिकता वाले इन तीन क्षेत्रों पर फोकस कर सकती है
कोरोना की महामारी की वजह से फिस्कल डेफिसिट का टारगेट बहुत बढ़ गया है। इसे धीरे-धीरे घटाकर फाइनेंशियल ईयर 2025-26 तक 4.5 फीसदी पर लाना जरूरी है।

डी के जोशी

Union Budget 2023: अगला यूनियन बजट ऐसे वक्त आ रहा है, जब इंडिया की जीडीपी ग्रोथ अच्छी है। टैक्स कलेक्शन बढ़ रहा है और फिस्कल डेफिसिट के भी बजट टारगेट के करीब रहने का अनुमान है। इसलिए यूनियन बजट 2023 के लिए आर्थिक बुनियादी स्थितियां ज्यादा चैलेंजिंग नहीं हैं। कोविड-19 का असर इकोनॉमी पर पड़ता नहीं दिख रहा है। ग्रोथ का दायरा व्यापक हो रहा है। इसमें सर्विसेज की हिस्सेदारी बढ़ रही है। इंटरेस्ट रेट बढ़ने का असर आगे जीडीपी ग्रोथ पर दिखाई देगा। हमे अगले फाइनेंशियल ईयर में रियल जीडीपी ग्रोथ 6 फीसदी रहने का अनुमान है। इस फाइनेंशियल ईयर में इसके 7 फीसदी रहने का अनुमान है। इस फाइनेंशियल ईयर में नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ 10.5-11 रहने की उम्मीद है, जबकि पहले इसका अनुमान 15 फीसदी था।

नॉमिनल ग्रोथ घटने का मतलब है कि टैक्स रेवेन्यू की ग्रोथ कम होगी। इससे सरकार के लिए खर्च करने की गुंजाइश कम हो जाएगी, क्योंकि सरकार को फिस्कल डेफिसिट कम करने के लिए अपने खर्च को नियंत्रित करने के उपायों पर फोकस करना होगा। इन चुनौतियों के बीच मुझे यूनियन बजट 2023-24 के लिए निम्नलिखित प्राथमिकताएं नजर आ रही हैं:

फिस्कल डेफिसिट पर नियंत्रण

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