Union Budget 2023: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) को कुछ सेक्टर के लिए मदद के उपाय करने के साथ ही फिस्कल कंसॉलिडेशन पर फोकस बढ़ाने की जरूरत है। National Institute of Public Finance and Policy (NIPFP) की सीनियर फेलो राधिका पांडे ने यह बात कही है। NIPFP एक स्वायत रिसर्च इंस्टीट्यूट है, जो फाइनेंस मिनिस्ट्री के तहत आता है। पांडे ने कहा कि सरकार को बजट में उन सेक्टर की मदद के लिए उपाय करने की जरूरत है, जो मुश्किल का सामना कर रहे हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट (Budget 2023) पेश करेंगी। यह बजट ऐसे वक्त आ रहा है, जब सरकार को इकोनॉमिक ग्रोथ को बढ़ावा देने वाले उपाय करने के साथ ही अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने का दबाव है। कोरोना की महामारी के दौरान इकोनॉमी को सहारा देने के लिए सरकार ने अपना खर्च बढ़ाया था। इससे इसका फिस्कल डेफिसिट काफी बढ़ गया है।
