Union Budget 2023 : बजट में पूंजीगत खर्च बढ़ाने के साथ इंफ्रा और गांवों पर रह सकता है फोकस

Union Budget 2023 : कुनाल वालिया ने कहा कि भारतीय इक्विटी मार्केट की वैल्यूएशन अपने हिस्टोरिकल एवरेज की तुलना में खासी महंगी लगती है। इनवेस्टर्स को अभी एक साल और मामूली रिटर्न के साथ संतोष करना पड़ सकता है। उन्हें शेयर बाजार में आने वाले किसी भी उतार-चढ़ाव को अपना पोर्टफोलियो तैयार करने के अवसर के रूप में इस्तेमाल करना चाहिए

अपडेटेड Jan 18, 2023 पर 4:54 PM
Waterfield Advisors के सीआईओ Kunal Valia ने कहा कि आईटी कंपनियां अभी भी प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रही हैं

Union Budget 2023 : वाटरफील्ड एडवाइजर्स के कुनाल वालिया ने कहा कि सरकार को यूनियन बजट में पूंजीगत खर्च और मैन्युफैक्चरिंग के लिए ज्यादा फंड आवंटित करके खर्च की क्वालिटी में सुधार करना चाहिए। इसके साथ ही, मंदी का सामना करने के लिए ग्रामीण खर्च में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। हालांकि, सब्सिडी में कटौती के साथ इसकी गति कम रहेगी। वालिया ने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में ये बातें कहीं। उधर, उन्होंने भारतीय इक्विटी मार्केट की वैल्यूएशन को उसके हिस्टोरिकल एवरेज की तुलना में खासा महंगा बताया है। उन्हें लगता है कि इनवेस्टर्स को अभी एक साल और मामूली रिटर्न के साथ संतोष करना पड़ेगा।

अभी भी महंगे हैं आईटी कंपनियों के शेयर

Waterfield Advisors के Kunal Valia ने कहा कि निवेशकों को इस दौर में शेयर बाजार में आने वाले किसी भी उतार-चढ़ाव को अपना पोर्टफोलियो तैयार करने के अवसर के रूप में इस्तेमाल करना चाहिए। आईटी सेक्टर के संबंध में उन्होंने कहा कि आईटी कंपनियां अभी भी प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रही हैं। हालांकि, 2023 में निचले स्तरों पर पहुंचने वाले शेयरों को चुनना खासा अहम होगा। ग्रोथ सेक्टर के रूप में अभी भी ऐसी कई हाई क्वालिटी कंपनियां हैं, जिनकी बुक्स पर बेहद मामूली कर्ज है।


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बजट में होगा इन बातों पर जोर

ग्लोबल ग्रोथ में सुस्ती, सुस्त रिकवरी और अगले साल आम चुनाव के बजट पर असर के संबंध में वालिया ने कहा कि ब्याज दरें खासी बढ़ चुकी हैं, जिसका ग्लोबल जीडीपी पर खासा दबाव है। हालांकि, भारत अभी तक सबसे कम प्रभावित अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। ऐसे में बजट का मुख्य जोर पूंजी खर्च और मैन्युफैक्चरिंग के लिए आवंटन बढ़ाने पर रहेगा। राजकोषीय बाधाओं के बावजूद, कुल मिलाकर बजट 2023-24 में पब्लिक कैपेक्स, इंफ्रा और ग्रामीण खर्च पर सबसे ज्यादा जोर देखने को मिलेगा।

गैर जरूरी खर्चों में क्यों आई कमी

गैर जरूरी खर्चों में कमी के सवाल पर वालिया ने कहा कि मध्यम और कम आय वाले वर्गों में कुछ कमी देखने को मिल सकती है। इसकी वजह ऊंची ब्याज दरों के चलते परचेजिंग पावर में कमी, महामारी के दौरान सेविंग में गिरावट, वेज ग्रोथ और रोजगार के अवसरों में कमी और ग्लोबल स्लोडाउन हो सकती हैं।

पीएसयू बैंक शेयरों में जारी रहेगी तेजी

पीएसयू बैंकों के शेयरों पर उन्होंने कहा कि 2022 में इनके शेयरों में अच्छी मजबूती देखने को मिली है और यह दौर 2023 में भी जारी रह सकता है। हालांकि, हाई क्वालिटी प्राइवेट सेक्टर्स के बड़े शेयरों में एफआईआई की बिकवाली बंद होने से अच्छी तेजी का मौका बन सकता है।

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