Union Budget 2023: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट (Union Budget) पेश करेंगी। यह बजट ऐसे वक्त आ रहा है, जब ग्लोबल इकोनॉमी (Global Economy) में सुस्ती है। अमेरिका, इंग्लैंड और यूरोप पर मंदी का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि, इंडिया की इकोनॉमी की सेहत अच्छी है। लेकिन, ग्लोबल सुस्ती का असर इंडिया पर भी पड़ सकता है। इसे देखते हुए फाइनेंस मिनिस्टर बजट में पूंजीगत खर्च बढ़ाने का ऐलान कर सकती हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटन को काफी ज्यादा बढ़ा सकती है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाने के कई फायदे होंगे। इससे रोजगार के मौके बढ़ेंगे, लोगों के हाथ में पैसे आएंगे, जिससे इकोनॉमी में डिमांड बढ़ेगी। इससे ग्लोबल सुस्ती के असर से निपटने में मदद मिलेगी।
