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Union Budget 2023: वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती को देखत हुए पूंजीगत खर्च बढ़ा सकती हैं निर्मला सीतारमण

Union Budget 2023: फाइनेंशियल ईयर 2022-23 के बजट में पूंजीगत खर्च के लिए 7.5 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। यह एक साल पहले के आवंटन से करीब 35.4 फीसदी ज्यादा है। इस फाइनेंशियल ईयर के पहले छह महीनों में सरकार आवंटन का करीब 45 फीसदी खर्च कर चुकी है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 09, 2022 पर 11:00 AM
Union Budget 2023: वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती को देखत हुए पूंजीगत खर्च बढ़ा सकती हैं निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अपना पांचवां बजट पेश करेंगी। यह केंद्र की मोदी सरकार का 11वां बजट होगा।

Union Budget 2023: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट (Union Budget) पेश करेंगी। यह बजट ऐसे वक्त आ रहा है, जब ग्लोबल इकोनॉमी (Global Economy) में सुस्ती है। अमेरिका, इंग्लैंड और यूरोप पर मंदी का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि, इंडिया की इकोनॉमी की सेहत अच्छी है। लेकिन, ग्लोबल सुस्ती का असर इंडिया पर भी पड़ सकता है। इसे देखते हुए फाइनेंस मिनिस्टर बजट में पूंजीगत खर्च बढ़ाने का ऐलान कर सकती हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटन को काफी ज्यादा बढ़ा सकती है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाने के कई फायदे होंगे। इससे रोजगार के मौके बढ़ेंगे, लोगों के हाथ में पैसे आएंगे, जिससे इकोनॉमी में डिमांड बढ़ेगी। इससे ग्लोबल सुस्ती के असर से निपटने में मदद मिलेगी।

35 फीसदी बढ़ाया था आवंटन

फाइनेंशियल ईयर 2022-23 के बजट में पूंजीगत खर्च के लिए 7.5 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। यह एक साल पहले के आवंटन से करीब 35.4 फीसदी ज्यादा है। इस फाइनेंशियल ईयर के पहले छह महीनों में सरकार आवंटन का करीब 45 फीसदी खर्च कर चुकी है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस फाइनेंशियल ईयर में टैक्स कलेक्शन की ग्रोथ बहुत अच्छी रही है। इससे सरकार के लिए पूंजीगत खर्च बढ़ाने में दिक्कत नहीं आएगी।

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