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Union Budget 2023: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण सेक्शन 80C सहित कई डिडक्शन की लिमिट बढ़ा सकती हैं

Union Budget 2023: एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले कई सालों से इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी सहित कई सेक्शन के डिडक्शन की लिमिट नहीं बढ़ाई गई है। बढ़ती महंगाई को देखते हुए सरकार को डिडक्शन बढ़ाने की जरूरत है। इससे टैक्सपेयर्स पर टैक्स का बोझ घटेगा। साथ ही उन्हें ज्यादा सेविंग्स करने में मदद मिलेगी

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jan 09, 2023 पर 2:44 PM
Union Budget 2023: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण सेक्शन 80C सहित कई डिडक्शन की लिमिट बढ़ा सकती हैं
सेक्शन 80सी के तहत कई इनवेस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट्स आते हैं। बच्चों की ट्यूशन फीस पर मिलने वाला डिडक्शन भी इसी के तहत आता है। अभी इसकी लिमिट 1.5 लाख रुपये है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को इस लिमिट को बढ़ाना चाहिए।

Union Budget 2023: यूनियन बजट 2023 (Budget 2023) से टैक्सपेयर्स को बहुत उम्मीदें हैं। उनका मानना है कि फाइनेंस मिनिस्टर इनकम टैक्स में मिलने वाली रिलीफ बढ़ाएगी। अलग-अलग सेक्शंस के तहत इनकम पर मिलने वाले डिडक्शंस को बढ़ाया जा सकता है। निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी। यह अगले साल लोकसभा चुनावों से पहले केंद्र की मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट है। इसलिए इस बजट से टैक्सपेयर्स सहित इंडस्ट्री के अलग-अलग सेक्टर को बहुत उम्मीदें हैं। टैक्सपेयर्स का मानना है कि पिछले कई सालों से सेक्शन 80सी की लिमिट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दूसरे भी कई सेक्शन की लिमिट लंबे समय से नहीं बढ़ाई गई है।

सेक्शन 80सी

सेक्शन 80सी के तहत कई इनवेस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट्स आते हैं। बच्चों की ट्यूशन फीस पर मिलने वाला डिडक्शन भी इसी के तहत आता है। अभी इसकी लिमिट 1.5 लाख रुपये है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को इस लिमिट को बढ़ाना चाहिए। डेलॉयट इंडिया के पार्टनर ताप्ती घोष का कहना है कि सरकार को लिमिट को बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये करनी चाहिए। इसकी वजह यह है कि पिछले कुछ साल से इनफ्लेशन बढ़ने से कॉस्ट ऑफ लिविंग बढ़ गई है। घोष ने कहा कि 80सी की लिमिट बढ़ाने से टैक्सपेयर्स पर टैक्स का बोझ घटेगा। साथ ही उन्हें ज्यादा सेविंग करने का मौका मिलेगा।

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