Union Budget 2023 : वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के बजट 2023 पेश करने से पहले यूनाइटेड नेशंस (United Nations) ने भारत का उत्साह बढ़ाने की कोशिश की है। यूएन ने कहा कि भारत को “सही दिशा में बने रहने” और सावधानी के साथ आशावादी रुख अपनाना चाहिए। भारत में यूएन रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर्स ऑफिस में इकोनॉमिस्ट क्रिस्टोफर गैरोवे ने 25 जनवरी को रिपोर्टर्स के साथ बातचीत में कहा, “मैं कहूंगा कि सही दिशा में आगे बढ़ते रहें, लेकिन भविष्य को लेकर सावधानी के साथ आशावादी रहें। नीति तैयार करते समय वास्तविकताओं को ध्यान में रखें।”
घटाया भारत का जीडीपी ग्रोथ अनुमान
गैरोवे यूएन की वर्ल्ड इकोनॉमिक सिचुएशन एंड प्रॉस्पेक्ट्स 2023 रिपोर्ट जारी करने के अवसर पर बोल रहे थे। अपनी रिपोर्ट में बहुपक्षीय संगठन ने कैलेंडर वर्ष 2023 के लिए भारत का जीडीपी ग्रोथ (GDP growth) अनुमान 20 बेसिस प्वाइंट्स घटाकर 5.8 फीसदी कर दिया है। हालांकि, कुछ अन्य देशों के लिए अनुमान में और ज्यादा कटौती की गई है।
इकोनॉमी में स्थायित्व बनाए रखने की जरूरत
गैरोवे ने आगामी Union Budget पर टिप्पणी करते हुए कहा, “मैं यही कहूंगा कि बजट में भारतीय अर्थव्यवस्था, भारतीय समाज के स्थायित्व और पर्यावरण के मुद्दों पर भारत के महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण को बनाए रखना सही होगा।”
उन्होंने पिछले महीने मुफ्त खाद्यान्न योजना यानी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को समाप्त करने के भारत सरकार के फैसले का हवाला देते हुए और इसके बजाय 2023 की संपूर्णता के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत समान लाभ प्रदान करने पर गैरोवे ने कहा कि यह “सोचे-समझे दृष्टिकोण का एक अच्छा उदाहरण है।”
3 लाख करोड़ हो सकता है फूड सब्सिडी बिल
उन्होंने कहा कि इससे बीते साल फूड और फर्टिलाइजर पर खर्च हुई रकम में कमी आएगी। 2022-23 के शुरुआती आठ महीने में केंद्र सरकार का फूड सब्सिडी बिल 1.48 लाख करोड़ रुपये रहा और इसके पूरे साल के दौरान बढ़कर 3 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।