Byju's News: देश की सबसे अधिक वैल्यू वाली स्टार्टअप बायूजज (Byju's) के आगे की डगर एक बार फिर अनिश्चित हो गई है। बायजूज और इसके कर्जदार 120 करोड़ डॉलर के टर्म लोन पर अभी तक किसी मुद्दे पर बात नहीं बनी है। इसके लिए 3 अगस्त तक का समय तय किया गया था लेकिन अब यह तारीख भी बीत गई और अब आगे कब तक इस पर कोई बात बनेगी, इसे लेकर कुछ तय नहीं है। सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया कि बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है। एडटेक कंपनी के प्रवक्ता का कहना है कि बायजूज ऐसी किसी टाइमलाइन को लेकर प्रतिबद्ध नहीं थी। अगले हफ्ते बायूजज के को-फाउंडर बायजू रवींद्रन की अगले हफ्ते लेंडर्स के साथ बैठक है और दोनों ही पक्षों को उम्मीद है कि कोई नतीजा निकल जाएगा।
किसने तय किया था 3 अगस्त का डेडलाइन
बायजूज और लेंडर्स के बीच टर्म लोन को लेकर 3 अगस्त तक बातचीत पूरा होने का जो टाइमलाइन फिक्स किया गया था, वह लेंडर्स ने तय किया था। एडहॉक टर्म लोन लेंजर्स की कमेटी ने औपचारिक रूप से 24 अगस्त को इस टाइमलाइन का ऐलान किया था कि 3 अगस्त तक लोन से जुड़ी शर्तों में बदलाव पर बात बन जाएगी। इस कमेटी में शामिल लेंडर्स ने बायजूज पर जो 120 करोड़ डॉलर का जो टर्म लोन है, उसका 85 फीसदी दिया हुआ है। कमेटी ने कहा था कि 3 अगस्त 2023 से पहले तक टर्म लोन एमेंडमेंट पर बात बन जाएगी। इससे लोन को लेकर सारे विवाद खत्म होने की उम्मीद जताई गई थी।
बायजूज ने नवंबर 2021 में टर्म लोन बी (TLB) के जरिए विदेशी निवेशकों से 120 करोड़ डॉलर का कर्ज जुटाया था। टर्म लोन बी आम लोन से इस मामले में अलग है कि इसमें किश्तें नहीं चुकानी होती है और लोन पीरियड की समाप्ति पर पूरा पैसा चुकाना होता है। लोन पीरियड के दौरान मामूली रेट पर कुछ पैसा देना पड़ सकता है। अब बायजूज के मामले में ऐसा हुआ कि पिछले साल दिसंबर 2022 से कंपनी और लेंडर्स के बीच विवाद हो गया और इस साल मार्च में लेंडर्स ने नॉन-मॉनीटरी और टेक्निकल डिफॉल्ट्स के आरोप में पैसे मांगना शुरू कर दिया।
मई में लेंडर्स ने बायजूज के पूर्ण मालिकाना हक वाली अल्फा के खिलाफ डेलवेयर कोर्ट में इस आरोप में मामला कर्ज कर दिया कि इसने लेंडर्स से 50 करोड़ डॉलर छिपाया है। इसके कुछ ही हफ्ते बाद बायजूज ने भी न्यूयॉर्क सुप्रीम कोर्ट में लेंडर्स के खिलाफ याचिका दायर कर दिया और लोन चुकाने को लेकर चुनौती दे दी। बायजूज ने 4 करोड़ डॉलर का ब्याज भी चुकाना बंद कर दिया जो लोन पेमेंट शुरू होने के चलते ड्यू था। उसके बाद से दोनों पार्टियों के बीच टर्म लोन के नियमों में बदलाव को लेकर बातचीत हो रही है।
Byju's के लिए क्यों जरूरी है जल्द नतीजे पर पहुंचना
लेंडर्स के साथ बातचीत जल्द नतीजे पर पहुंच जाए, यह बायजूज के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि इसमें देरी होती है तो कंपनी के लिए फंड जुटाना और मुश्किल हो जाएगा। एक अमेरिकी निवेशक डेविडसन केंपनर ने इसे 25 करोड़ डॉलर का लोन स्ट्रक्चर्ड इंस्ट्रूमेंट्स में दिया था लेकिन जब बायजूज और लेंडर्स के बीच की बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई तो डेविडसन ने 15 करोड़ डॉलर वापस ले लिया। इसके अलावा बायजूज डेविडसन के लोन पर तकनीकी तौर पर डिफॉल्ट हो गई थी तो बायजू रवींद्रन को अपने सबसे अधिक वैल्यूएबल एसेट आकाश एडुकेशनल सर्विसेज पर अपना कब्जा बचाने के लिए इसके रीपेमेंट की जरूरत पड़ गई और इसके लिए बायजूज को फंड चाहिए। बायजूज ने डेविडसन से लोन के लिए आकाश के शेयरों को गिरवी रखा था। ऐसे में अब बायजूज अपने पुराने निवेशक रंजन पई से फंड के लिए संपर्क कर रही है। बायजू रवींद्रन की आकाश में 30 फीसदी हिस्सेदारी है।