IPO लाने की तैयारी में जुटे यूज्ड-कार मार्केटप्लेस Cars24 के को-फाउंडर मेहुल अग्रवाल ने अपने ऑपरेशनल रोल को छोड़ दिया है। अग्रवाल ने 30 अप्रैल को एक लिंक्डइन पोस्ट में इस कदम का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि 11 साल से ज्यादा समय तक कंपनी को बनाने के बाद अब वह ऑपरेटिंग रोल से अलग हो रहे हैं। एक दिन पहले Cars24 के एक और को-फाउंडर गजेंद्र जांगिड़ ने ऐलान किया था कि वह अपनी एग्जीक्यूटिव भूमिका से हट रहे हैं। लेकिन रणनीतिक पहलों में शामिल रहेंगे। कंपनी की संभावित लिस्टिंग से पहले फाउंडर-लेवल पर यह एक बड़ा फेरबदल है।
Cars24 में सॉफ्टबैंक, अल्फा वेव ग्लोबल, DST ग्लोबल जैसे दिग्गजों का भी निवेश है। कंपनी की शुरुआत साल 2015 में विक्रम चोपड़ा, मेहुल अग्रवाल, गजेंद्र जांगिड़ और रुचित अग्रवाल ने की थी। यह भारत के सबसे बड़े ऑनलाइन यूज्ड-कार प्लेटफॉर्म्स में से एक है। UAE और ऑस्ट्रेलिया जैसे इंटरनेशनल मार्केट्स में भी इसकी मौजूदगी है।
'बोर्ड के सदस्य के तौर पर काम करता रहूंगा'
मेहुल अग्रवाल ने लिंक्डइन पोस्ट में लिखा, "मेरे DNA में Cars24 बसा हुआ है। मैं हमेशा इसका सबसे बड़ा सपोर्टर बना रहूंगा। मैं बोर्ड के सदस्य के तौर पर काम करता रहूंगा और एक अलग भूमिका में हर कदम पर नजर रखूंगा।" उन्होंने आगे कहा, "ऐसे फैसलों के लिए कोई भी समय एकदम सही नहीं होता। लेकिन मुझे पता है कि इस समय हम सबसे ज्यादा मजबूत स्थिति में हैं। हमने अभी-अभी अपना पहला ग्लोबल मुनाफे वाला क्वार्टर पूरा किया है।"
वैसे तो जब स्टार्टअप्स पब्लिक लिस्टिंग की तैयारी करते हैं और अपने कामकाज के तरीकों को ज्यादा औपचारिक बनाते हैं, तो फाउंडर्स का अपनी भूमिका बदलना कोई नई बात नहीं है। लेकिन, दो को-फाउंडर्स का लगभग एक साथ अपनी एग्जीक्यूटिव पोजिशंस से हटना, निवेशकों का ध्यान जरूर खींचेगा। इस साल की शुरुआत में, Cars24 के इंडिया यूज्ड-कार्स के CEO हिमांशु रत्नू ने भी कंपनी छोड़ दी थी।
अभी कितनी है कंपनी की वैल्यूएशन
Cars24 पिछली कुछ तिमाहियों से अपना मुनाफा बढ़ाने और अपने कामकाज को और बेहतर बनाने पर काम कर रही है। कंपनी अगले 6-12 महीनों में शेयर बाजार में लिस्ट होने की उम्मीद कर रही है। कंपनी की पिछली वैल्यूएशन 3 अरब डॉलर से ज्यादा आंकी गई थी।