ChatGPT Ads: चैटजीपीटी की पैरेंट कंपनी ओपनएआई (OpenAI) आईपीओ लाने से पहले अपनी कमाई बढ़ाने की कोशिश कर रही है। इसी के तहत कंपनी ने भारत में चैटजीपीटी ऐड्स लाने का फैसला किया है। इसके तहत यूजर जो सवाल पूछेंगे, उससे जुड़े प्रोडक्ट या सर्विस भी दिखाई जाएगी, जो स्पांसर होगी और जवाब के नीचे होगी। हालांकि इन्हें स्पष्ट रूप से स्पांसर्ड के तौर पर दिखाया जाएगा और पूछे गए सवाल के जवाब से अलग रहेंगे। इससे चैटजीपीटी के सबसे बड़े मार्केट में शुमार भारत में फ्री (Free) और गो (Go) टियर्स के वयस्क यूजर्स को ऐड्स दिखने लगेंगे। भारत में Go प्लान की कीमत ₹399 प्रति माह है।
ओपनएआई के मुताबिक प्लस, प्रो, बिजनेस, एंटरप्राइज और एडुकेशन प्लान इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को कोई विज्ञापन नहीं दिखेगा। इसके अलावा 18 साल से कम के यूजर्स के अकाउंट पर भी ऐड नहीं दिखेंगे। वहीं हेल्थ, मेंटल हेल्थ और राजनीति जैसे संवेदनशील और रेगुलेटेड टॉपिक्स से जुड़े सवालों के जवाब के साथ विज्ञापन नहीं दिखेंगे।
इस हफ्ते 50 से अधिक ब्रांड्स के ऐड ChatGPT पर होंगे लाइव!
ओपनएआई ने भारत में चैटजीपीटी ऐड्स के लिए फिलहाल एजेंसी पार्टनर के रूप में WPP और ओमनीकॉम(Omnicom) को चुना है। कंपनी के मुताबिक आने वाले समय में और भी एजेंसियों को जोड़ा जाएगा। कंपनी के मुताबिक इस हफ्ते भारत में 50 से अधिक ब्रांड्स के विज्ञापन लाइव होने की उम्मीद है। इसके अलावा 4 सितंबर से भारत में चैटजीपीटी ऐड्स मैनेजर का सेल्फ-सर्व एक्सेस शुरू किया जाएगा, जिसके जरिए छोटे-बड़े सभी बिजनेस खुद विज्ञापन शुरू कर सकेंगे और इसके लिए उन्हें हर दिन कम से कम ₹725 खर्च करने होंगे। कंपनी ने साफ कर दिया है कि कंपनियों को यूजर्स का डेटा नहीं मिलेगा और उन्हें सिर्फ यह बताया जाएगा कि कैंपेन यानी उनके ऐड को कितने इंप्रेशंस और क्लिक्स मिले।
OpenAI के लिए भारत कितना जरूरी
चैटजीपीटी के लिए भारत दूसरा सबसे बड़ा बाजार है। फरवरी 2026 तक भारत में इसके 10 करोड़ से ज्यादा वीकली यूजर्स थे। वहीं दुनियाभर में इस महीने की शुरुआत में चैटजीपीटी के वीकली यूजर्स 100 करोड़ से अधिक हो गए। ओपनएआई के ग्लोबल ऐड्स सॉल्यूशंस के वाइस प्रेसिडेंट और प्रमुख डेव डुगन (Dave Dugan) के मुताबिक
भारत में ओपनएआई के वीकली एक्टिव यूजर्स की संख्या सालाना आधार पर डबल हो गई। उनका कहना है कि यूजर्स सिर्फ सामान्य जानकारी खोजने की बजाय चैटजीपीटी से सवाल पूछते हैं, विकल्पों की तुलना करते हैं और फैसले लेने से पहले अलग-अलग पहलुओं पर विचार करते हैं। ऐसे में ओपनएआई ChatGPT Ads खरीदारी या फैसले के वक्त कंपनियों को यूजर्स तक पहुंचने का मौका दे सकता है।
ओपनएआई क्यों दे रही विज्ञापनों पर जोर
ओपनएआई ने पहली बार जनवरी 2026 में चैटजीपीटी में विज्ञापनों की टेस्टिंग शुरू करने की योजना का ऐलान किया था। कंपनी का लक्ष्य रेवेन्यू के सोर्सेज को बढ़ाना और आने वाले समय में विस्तार के लिए कमाई को बढ़ाना था। विज्ञापनों का पायलट प्रोग्राम फरवरी में अमेरिका में शुरू हुआ और ओपनएआई के मुताबिक लॉन्च के सिर्फ छह सप्ताह में विज्ञापनों से होने वाली एनुअलाइज्ड रेवेन्यू $10 करोड़ के पार हो गई। इसके बाद कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलेंड, यूके, मेक्सिको, ब्राजील, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में भी विज्ञापन दिखने लगे। पिछले हफ्ते ओपनएआई ने जर्मनी, फ्रांस और स्पेन समेत यूरोप के 31 देशों में ChatGPT Ads लॉन्च किया।
कंपनी इस पर इतना जोर इसलिए दे रही है क्योंकि इससे तगड़ी कमाई हो सकती है। करोड़ों लोग चैटजीपीटी का इस्तेमाल फ्री या बहुत कम कीमत वाले प्लान पर कर रहे हैं। कंपनी के सेहत की बात करें तो जून 2026 तिमाही में ओपनएआई का रेवेन्यू तिमाही आधार पर $5.7 अरब से $6.7 अरब पर पहुंच गया लेकिन स्टॉक-बेस्ड कंपेसेशन मिलाकर ऑपरेटिंग लॉस भी इस दौरान $9.3 अरब से $12.3 अरब पर पहुंच गया।