क्लिक्स कैपिटल (Clix Capital) में जल्द ही एक बड़ी डील देखने को मिल सकती है। कंपनी कोरोना महामारी के चलते एसेट्स क्वालिटी में आई गिरावट की समस्या से उबर चुकी है। ऐसे में कई ग्लोबल निवेशकों ने अब इसमें हिस्सेदारी खरीदने में दिलचस्पी दिखानी शुरू कर दी है। इसके अलावा कुछ भारतीय एनबीएफसी (NBFC) कंपनियों की भी इसमें हिस्सेदारी खरीदने को लेकर रुचि हैं। इस मामले से वाकिफ सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी है। सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "आज भारत की ग्रोथ स्टोरी और मजबूत फंडामेंटल्स को देखते हुए, हर कोई यहां अपना पैर जमाना चाहता है। कोई भी इस अवसर को छोड़ना नहीं चाहता।"
नए निवेशक के आने से, एयॉन कैपिटल (Aion Capital) को अपना हिस्सेदारी बेचकर कंपनी से निकालने का मौका मिल सकता है, जिसने पिछले 7 सालों से क्लिक्स कैपिटल में निवेश किया हुआ है। Aion Capital, अमेरिकी प्राइवेट इक्विटी फर्म अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट का एक फंड है।
मामले से वाकिफ सूत्रों का कहना है कि बिक्री प्रक्रिया के लिए बैंकरों को नियुक्त कर लिया गया है और अगले कुछ हफ्तों में एयॉन कैपिटल संभावित निवेशकों के साथ बातचीत शुरू करेगा। सूत्र ने कहा, "मेरा मानना है कि अगले 12-18 महीनों में, आप एयॉन कैपिटल को हिस्सेदारी बेचकर कंपनी से बाहर निकलता हुआ देख सकते हैं। यह एक अच्छी डील होगी।"
एयॉन कैपिटल, अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट और ICICI वेंचर्स के बीच एक ज्वाइंट वेंचर्स था। इसने ज्वाइंट वेंचर के बंद होने के बाद 2020 में अपना कामकाज बंद कर दिया। तब से अपोलो ही एयॉन के एसेट्स को मैनेज कर रही है।
इसके अलावा, यह भी पता चला है कि क्लिक्स कैपिटल अगले 18 महीनों में अपना इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने की योजना पर भी काम कर रही है। कंपनी ने आंतरिक रूप से IPO से पहले 10,000 करोड़ रुपये तक के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है।
मामले से वाकिफ लोगों ने कहा, "कंपनी 10,000 करोड़ रुपये के AUM के लक्ष्य को पार करना चाहती है। साथ ही अपने मुनाफे को टिकाऊ बनाना चाहती है। यह एक सम्मानजनक ROA नंबर है।" यह पूछे जाने पर कि क्या एयॉन के बाहर निकलने और आईपीओ का समय टकराएगा, तो सूत्रों ने कहा कि इसकी संभावना नहीं है। एक व्यक्ति ने कहा, "पहले एयॉन कंपनी से बाहर निकलेगी और फिर नए निवेशक के मार्गदर्शन में IPO की प्रक्रिया शुरू होगी।"