OLA Electric IPO: ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के आईपीओ के लिए प्राइस बैंड फिक्स हो चुका है। यह इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए 2 अगस्त को खुलेगा और एंकर निवेशकों के लिए इसके एक दिन पहले यानी 1 अगस्त को खुलेगा। इस इश्यू के तहत नए शेयर भी जारी होंगे और ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत भी शेयरहोल्डर्स अपनी हिस्सेदारी हल्की करेंगे। कंपनी के कारोबारी सेहत की बात करें को यह लगातार घाटे में चल रही है और पिछले वित्त वर्ष 2024 में इसका घाटा और बढ़ा। हालांकि इस दौरान कंपनी का कारोबार तेजी से बढ़ा।
OLA Electric IPO की डिटेल्स
ओला इलेक्ट्रिक का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 2-6 अगस्त तक खुला रहेगा। इस आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 72-76 रुपये का फिक्स किया गया है और निवेशक 195 शेयरों के लॉट में बोली लगा सकेंगे। एंप्लॉयीज को हर शेयर पर 7 रुपये का डिस्काउंट मिलेगा। इश्यू का 75 फीसदी हिस्सा क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB), 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स और 10 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है।
इस आईपीओ के तहत 5500 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे। 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 8.4 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी। इस विंडो के जरिए प्रमोटर भाविश अग्रवाल के साथ-साथ सॉफ्टबैंक, टेमासेक, मैट्रिक पार्टनर्स इंडिया जैसे निवेशक भी अपनी हिस्सेदारी को हल्कीकरेंगे। आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों के इस्तेमाल की बात करें तो ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों के इस्तेमाल की बात करें तो इसमें से 1600 करोड़ रुपये कंपनी R&D पर निवेश करेगी।
FY24 में OLA Electric का बढ़ा घाटा
अब ओला इलेक्ट्रिक के कारोबारी सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में इसका घाटा बढ़ा था। ओला इलेक्ट्रिक का कारोबार सिर्फ इलेक्ट्रिक वीईकल्स सेगमेंट में है। यह ईवी और ईवी के कंपोनेंट्स बनाती है। इसने सात प्रोडक्ट्स पेश कर दिए हैं और चार नए का ऐलान कर दिया है। मार्च 2024 तक के आंकड़ों के हिसाब से ओमनीचैनल डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के जरिए ओला इलेक्ट्रिक के पास 870 एक्सपीरिएंस सेंटर्स, 431 सर्विस सेंटर्स हैं। कंपनी को लगातार घाटा हो रहा है और वित्त वर्ष 2024 में इसका शुद्ध घाटा 1,472.08 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,584.40 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान रेवेन्यू 2,782.70 करोड़ रुपये से उछलकर 5,243.27 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।