क्रिप्टो एक्सचेंज कॉइनबेस (Coinbase) को हैक किए जाने के मामले में एक पूर्व कस्टमर सर्विस एजेंट को भारत में गिरफ्तार किया गया है। यह बात कॉइनबेस ग्लोबल इंक. के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) ब्रायन आर्मस्ट्रांग ने कही है। CEO ने कहा है कि गलत व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कंपनी बुरे लोगों को सजा दिलाने के लिए कानून लागू करने वाली एजेंसियों के साथ मिलकर काम करती रहेगी।
कॉइनबेस अमेरिका का सबसे बड़ा क्रिप्टो एक्सचेंज है। हैकर्स ने कस्टमर्स की जानकारी हासिल करने के लिए कस्टमर सर्विस रिप्रेजेंटेटिव्स को रिश्वत दी थी। आर्मस्ट्रांग ने यह भी कहा है कि और भी लोग पकड़े जाएंगे।
मई में डेटा में लगी थी सेंध
इस साल मई में कॉइनबेस के डेटा में सेंधमारी हुई थी। हैकर्स ने अमेरिका के बाहर कॉन्ट्रैक्टर या कर्मचारियों को रिश्वत देकर कस्टमर्स का संवेदनशील डेटा चुराया और 2 करोड़ डॉलर की फिरौती मांगी। कंपनी को इस सेंधमारी के बारे में 11 मई को एक अनजान थ्रेट एक्टर से ईमेल मिलने के बाद पता चला। उसने दावा किया था कि उसके पास कुछ कस्टमर अकाउंट और कंपनी के इंटरनल रिकॉर्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारी है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कॉइनबेस ने कहा कि लीक हुए डेटा में नाम, पते और ईमेल आईडी जैसी पर्सनल डिटेल्स शामिल थीं। साथ ही यह भी कहा कि पासवर्ड, लॉग इन क्रेडेंशियल और कस्टमर अकाउंट तक डायरेक्ट एक्सेस लीक नहीं हुई थी। उस समय कॉइनबेस ने अनुमान लगाया था कि इस घटना से हुए नुकसान को ठीक करने में 40 करोड़ डॉलर तक का खर्च आ सकता है।
लंबे समय से चल रही थी पहचान चुराने की स्कीम
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, कॉइनबेस के एक प्रवक्ता ने भारत में गिरफ्तारी किए जाने की पुष्टि की है। कहा है कि यह खबर एक्सचेंज के ब्रुकलिन डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी ऑफिस के साथ हालिया काम के बाद आई है। प्रॉसिक्यूटर ने ब्रुकलिन के एक व्यक्ति पर आरोप लगाए थे कि वह कॉइनबेस कस्टमर्स को टारगेट करके एक लंबे समय से चल रही पहचान चुराने की स्कीम चला रहा था। शुक्रवार को कॉइनबेस के शेयर लगभग 1.2% गिरकर 236.79 डॉलर पर आ गए। इस साल स्टॉक में लगभग 4.6% की गिरावट आई है।