Crypto News: मार्केट कैप के हिसाब से दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो बिटकॉइन (BitCoin) ने निवेशकों को करारा झटका दिया है और रिकॉर्ड हाई से यह करीब आधा हो चुका है। बिटकॉइन फिलहाल उस लेवल के काफी नीचे आ चुका है, जब ट्रंप की वापसी पर यह रॉकेट बना और नई ऊंचाई पर पहुंचा था। जब ट्रंप दूसरी बार राष्ट्रपति चुनाव जीत रहे थे तो बिटकॉइन ने पहली बार 6 नवंबर 2024 को $75 हजार का लेवल पार किया था और अभी की बात करें तो यह फिर $65000 के नीचे आ गया। वहीं करीब चार महीने पहले $1,26,198.07 के रिकॉर्ड हाई पर था।
Donald Trump के आने पर इस कारण बढ़ी थी BitCoin की चमक
डोनाल्ड ट्रंप के चुनावी जीत की संभावना पर बिटकॉइन ने पहली बार 6 नवंबर 2024 को $75 हजार का रिकॉर्ड हाई लेवल पार किया था। हालांकि इससे पहले रिकॉर्ड हाई $73,797.68 था यानी कि इसने $74 हजार का भी लेवल ट्रंप के ही आने पर पार किया। ट्रंप के क्रिप्टो रिजर्व बनाने और इसे सपोर्ट करने वाली नीतियों के चुनावी वादे पर इसकी चमक बढ़ी थी। बिटकॉइन धड़ाधड़ छलांग लगाते हुए 7 अक्टूबर 2025 को $1,26,198.07 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था लेकिन अब इस हाई से यह काफी नीचे आ चुका है।
आखिर क्यों फिसला बिटकॉइन?
बिटकॉइन की चमक पिछले महीने जनवरी में करीब 11% फीकी पड़ी। इसमें लगातार चौथे महीने गिरावट आई जोकि वर्ष 2018 के बाद से इसके लिए अब तक सबसे लंबी चलने वाली गिरावट रही। डॉलर की मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख के तौर पर केविन वार्श (Kevin Warsh) के नाम को मंजूरी पर गोल्ड के भाव में एक दशक से भी अधिक समय में सबसे बड़ी गिरावट आई तो निवेशक सहम उठे और इसकी आंच वोलेटाइल समझे जाने वाले क्रिप्टो सेक्टर में भी दिखी। ऑर्बिट मार्केट्स की को-फाउंडर कैरोलीन मौरोन (Caroline Mauron) का कहना है कि वर्ष 2021 के हाई लेवल यानी $70 हजार के आस-पास से यह नीचे फिसला तो लॉन्ग टर्म कॉफिडेंस हिल सकता है और अब बिटकॉइन इस लेवल से काफी नीचे आ चुका है।
सोर्स: कॉइनमार्केटकैप, भाव खबर लिखे जाने के समय
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।